blogid : 26677 postid : 4

कब तक तुम मुझको रोकोगे

FOR AN POET SKY IS LIMITJust another Jagranjunction Blogs Sites site

Sarthak Banerjee

4 Posts

0 Comment

कब तक तुम मुझको रोकोगे . कब तक तुम मुझको रोकोगे
बर्बादी की अग्नि में कब तक तुम सपने झोकोगे
कब तक तुम मुझको रोकोगे . कब तक तुम मुझको रोकोगे||

लाचारी की उमस में खुशियों के बहते झोको को
देखेंगे कैसे रोकोगे
कब तक तुम मुझको रोकोगे . कब तक तुम मुझको रोकोगे||

अंत्योदय के जलज की मल में सौम्यता देख चौकोगे
कब तक तुम मुझको रोकोगे . कब तक तुम मुझको रोकोगे||

बेईमानी के पेड़ों को उठकर तुम अपने हाथों से
देखेंगे कैसे रोपोगे
कब तक तुम मुझको रोकोगे . कब तक तुम मुझको रोकोगे||

सच्चाई के उजियारो को रोक पाखंड के अंधकारो को
देखेंगे कैसे सोपोगे
कब तक तुम मुझको रोकोगे . कब तक तुम मुझको रोकोगे||

– सार्थक बनर्जी

| NEXT

Tags:         

Rate this Article:

  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग