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असहिष्णुता की बहस में आवश्यक मुद्दे खोने लगे

Posted On: 29 Nov, 2015 Others में

भावों को शब्द रूप

satyavrat shukla

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देशभक्ति से भी आगे स्वार्थ अब होने लगे हैं
असहिष्णुता की बहस में आवश्यक मुद्दे खोने लगे
हो अगर अन्याय किसी एक से भी तो उसकी निंदा करूंगा
किन्तु क्या कुछ लोगों की गलती का भुक्तभोगी मेरा भारत बनेगा ?
देश छोड़ने और सम्मान वापसी के नाटक से क्या हासिल हुआ है ?
देश की साख गिरी और माहौल भी जहरीला हुआ है ।
क्यों हिन्दू को मुस्लिम से तुम लड़वा रहे हो ,,
हर धर्म से जो जुड़े हैं मुद्दे उनको उठाने से कतरा रहे हो?
क्या गरीबी, अशिक्षा और नारी सुरक्षा अब चिंता का कारण नहीं है ?
या तुम्हारे कृत्य और लेखन में अब साहस नहीं है?
सहिष्णुता-असहिष्णुता से कमी न लाओ युवापीढ़ी के उल्लास में।
सहिष्णु भारत की सबसे अनोखी पहचान है विश्व के इतिहास में।
– सत्यव्रत शुक्ला
‪#‎सहिष्णुता‬#असहिष्णुता

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