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ग्राम पंचायत चुनाव - समाज को कुछ देने का अवसर

Posted On: 11 Sep, 2015 Politics में

भावों को शब्द रूप

satyavrat shukla

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देश के कर्णधारों ने कभी सत्ता के विकेंद्रीकरण का स्वप्न देखा था और ग्राम स्तर तक सरकार को पहुचाने के लिए ग्रामपंचायत की व्यवस्था की थी , आज उत्तर प्रदेश में  उसी ग्राम पंचायत चुनाव का जश्न चल रहा है |हर व्यक्ति उसमे भागीदारी को तत्पर है |हर मोड़ , गली नुक्कड़ , गाँव की बाजारों में चुनावों की ही चर्चा है | चर्चा होना सहज है और आवश्यक भी है | किन्तु चर्चा जाति गत आकड़ों की न होकर विकास की योजनाओं की होनी चाहिए | भारत के गावों में आज भी गरीबी, अशिक्षा,बिमारी कुपोषण की तरह फैली हुई है | बीते वर्षों में विकास हुआ है किन्तु उसकी गति संतोष जनक नहीं रही है | सरकारों की योजनाओं ने नीति निर्धारकों और उनका सञ्चालन करने वालों की तिजोरियां तो भरी लेकिन योजना का लाभ उपयुक्त व्यक्ति तक नहीं पहुचा |
आज पंचायत चुनाव को कमाई का बहुत ही बड़ा साधन बना दिया गया है | नेत्रत्वकर्ता चुनाव जीतने पर मिलने वाली शक्ति का उपयोग ग्राम विकास के लिए नहीं बल्कि स्वयं के विकास के लिए करता है | चूँकि अभी भी ग्रामीण भारत बहुत पीछे है इसलिए ग्राम स्तर पर आज भी अच्छे और समाज के हित के लिए काम करने वालों के लिए बहुत से अवसर हैं |जरूरत है इक्षाशक्ति की , अच्छी और विकासवाद की सोच की जो की जातिवाद के बंधन से मुक्त हो | संसाधनों की कमी नहीं रह गई है सरकार की बहुत सी योजनाये मददगार हो सकती है |
सरकारी योजनाओ से ज्यादा ग्राम स्तर पर लोगों के जागरूक और संघठित होने की जरूरत है | शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण, सामाजिक उत्थान ये वो विषय हैं जिनके सम्बन्ध में आज की ग्राम पंचायतों को सबसे अधिक सोचने की आवश्यकता है | मेरा ये अनुभव है की सूचना का अभाव विकास के दरवाजे बंद कर देता है | समाज जितना ज्यादा अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होगा उतना ही प्रगतिशील भी| इसलिए ग्राम स्तर पर सूचना पहुचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए और इसके लिए ग्राम पंचायत को सबसे पहले एक पुस्तकालय का निर्माण कराना चाहिए और दैनिक और साप्ताहिक अखबारों की उप्लाभ्द्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए| प्राइमरी विद्यालयों की शिक्षा प्रणाली का सुचारू सञ्चालन आवश्यक है | मिड डे मील के सामानांतर शिक्षा के स्तर को भी अच्छा करना नितांत आवश्यक है |
समाज स्वस्थ्य होगा तो ज्यादा से ज्यादा विकास करेगा इसलिए स्वक्षता को प्रचारित एवं प्रसारित करने की आवश्यकता है| स्वक्षता एक आदत है जो की व्यक्ति की सोच पर निर्भर है अतः ग्राम पंचायत को इसकी उपयोगिता को विशेष वरीयता देनी चाहिए | इसके लिए जगह जगह कूड़ेदान की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए| समाज और सरकार के सहयोग से शौचालयों का निर्माण होना चाहिए | ये स्त्रियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी लाभप्रद होगा |
ग्राम पंचायत को खाली पड़ी जमीनों पर वृक्षारोपण कराकर पर्यावरण को स्वस्थ्य बनाने की पहल करनी चाहिए | प्राकृतिक संसाधनों का सही मात्रा में दोहन सुनिश्चित करने हेतु  सिचाई के नए वैज्ञानिक साधनों को अपना के पानी की बचत की जानी चाहिए और सौर उर्जा , गोबर गैस के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए |
ग्राम स्तर पर रोजगार सर्जन की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी का वहन भी ग्राम पंचायत को करना चाहिए इसके लिए स्वयं सहायता समूहों का निर्माण ,सञ्चालन और उसमे समाज के हर वर्ग की भागीदारी का सफल प्रयास होना चाहिए | महिलाओं की भागीदारी के लिए विशेष प्रयास किये जाने की आवश्यकता है |ग्राम स्तर के उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराके या उत्पाद को मंडी तक पहुचाने की व्यवस्था करके ग्राम पंचायत विकास के नए आयाम प्राप्त कर सकती है | कुटीर उद्योगों और दुग्ध उत्पादन में अपार सम्भावनाये हैं |
ग्राम पंचायत के वृद्धों , असहायों के लिए रेन बसेरे की व्यवस्था और समाज के सहयोग से उनके भोजन और कपड़ों की उपलब्द्ता सुनिश्चित करके सामाजिक हित का कार्य किया जा सकता है | बहुत से सामाजिक संघठन मददगार हो सकते हैं |
सार्वजानिक वितरण प्रणाली और सरकारी योजनाओं का सही लाभ लोगों तक पंहुचा के ,स्वक्ष पेय जल की व्यवस्था, अच्छे मार्गों का निर्माण, प्रकाश की व्यवस्था करके नेत्रत्वकर्ता समाज को बहुत कुछ दे सकता है | ग्राम पंचायत स्तर पर चुनौतिया अधिक हैं लेकिन कुछ करने के अवसर उतने ही ज्यादा| आवश्यकता है चुनाव जीतकर उसको समाजसेवा का अवसर समझने की न की कमाई करने का अधिकार |

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