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राही मनवा दुःख की चिंता क्यों सताती है !

Posted On: 29 Apr, 2011 Others में

Dharm & religion; Vigyan & Adhyatm; Astrology; Social researchDharm & Religion- both are not the same; Vigyan & Adhyatm - Both are the same.....

Er. D.K. Shrivastava Astrologer

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Movie : Dosti
Singer(s) : Mohammad Rafi
Music Director : Laxmikant, Pyarelal
Lyricist : Majrooh Sultanpuri
Actors/Actresses : Sanjay Khan, Sushil Kumar, Sudhir Kumar
Year/Decade : 1964, 1960s

दुःख हो या सुख, जब सदा संग रहे न कोई,
फिर दुःख को अपनाइये कि जाए तो दुःख न होय |

राही मनवा दुःख की चिंता क्यों सताती है, दुःख तो अपना साथी है – 2
सुख है इक छाँव, ढलती, आती है जाती है, दुःख तो अपना साथी है
राही………………..

दूर है मंजिल दूर सही, प्यार हमारा क्या कम है
पग में कांटे लाख सही, पर ये सहारा क्या कम है
हमराह तेरे कोई अपना तो है -२ होssssssss
सुख……..
राही………………..

दुःख हो कोई तब जलते हैं, पथ के दीप निगाहों में
इतनी बड़ी इस दुनिया की लम्बी अकेली राहों में
हमराह तेरे कोई अपना तो है -२
ओ हो ओ…
सुख है इक छाँव ढलती, आती है जाती है, दुःख तो अपना साथी है
राही………………..

Dhiraj kumar / 9.9.1990 / 29.4.2011

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