blogid : 954 postid : 805

क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हंसीं ईनाम हैं ये

Posted On: 27 Apr, 2011 Others में

Dharm & religion; Vigyan & Adhyatm; Astrology; Social researchDharm & Religion- both are not the same; Vigyan & Adhyatm - Both are the same.....

Er. D.K. Shrivastava Astrologer

157 Posts

309 Comments

छु लेने दो नाजुक होठों को
गायक : रफ़ी
फिल्म : काजल

छू लेने दो नाज़ुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये, छू………
क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हंसीं ईनाम हैं ये, छू………

शरमा के न यूँ ही खो देना, रंगीन जवानी की घड़ियाँ – 2
बेताब धड़कते सीनों का, अरमान भरा पैगाम है ये, छू …

अच्छों को बुरा साबित करना, दुनिया की पुरानी आदत है – 2
इस मै को मुबारक चीज़ समझ, माना की बहुत बदनाम है ये,
छू लेने दो नाज़ुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये, छू………
क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हंसीं ईनाम हैं ये, छू………

– Dhiraj kumar (9.9.1990)(11.3.2011)

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 1.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग