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मुरली ....

Posted On: 25 Aug, 2016 Others में

saanjh aaiJust another weblog

shakuntlamishra

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सभी स्वजनों को श्रीकृष्ण जन्म की बधाई
इस वर्ष हम ५२४२ वा जन्मदिन मना रहें हैं |
एक रचना –
उत्कल में सागर के तट पर
रोरित सिन्धु ने देखा था –
खोज रही थी,सोच रही थीं
कहाँ पड़े पद कमल तिहारे ?
वृन्दावन ,गोकुल ,यमुना तट
वंशी धुन सुन चित्रलिखित सब
कैसी धुन थी ???
रूपराशि तुमपर न्योछावर
स्वर्णकिरण सा वह दुकूल था
मेघनील वह वर्ण -युगंधर
विद्दुत राशी भ्रमित सी -मनहर
स्पंदित -जिज्ञासित तृष्णा
धरा -धरी मै मस्तक अपना
मुग्ध -मधुर -वंशीधुन -आतुर
परे काल गति से सुरभित सुर !!

shakuntla mishra

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