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Mera Bharat Mahan

Posted On: 14 Jun, 2014 Others में

Poemmy self experience

Shalini Garg

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हिमालय है जिसकी आन,
गंगा यमुना है जिसकी शान,
और हम सब में बोलती हिन्दी भाषा है जिसकी जान,
कैसे भूलू मैं अपना प्यारा हिन्दुस्तान ।
वो बारिश में भीगे,
फूलों की खुशबू से महके,
ठंडी हवा के झोखों में जहाँ,
गूंजे शिवा का नाम ।
कैसे भूलू मैं अपना प्यारा हिन्दुस्तान ।
कभी भैया से झगडा,
कभी बहना से तकरार,
कभी मम्मी पापा का लाड़ और दुलार,
और हाँ कभी कभी सासु माँ के तानो की तान,
कैसे भूलू ़़़़़़़़़़़़़़़
वो हाथों में भरी भरी काँच की चूडियाँ,
बालों मे गजरा,माथे पे बिन्दया,
पैरो में बजता पायल का छनछान,
कैसे़़़़़़़़़़़…………………….
मम्मी के हाथों की मक्का की रोटी,
दादी के लड्डू मठरी अचार,
और नानी का मीठा गुलकंद का पान,
कैसे………………
वो शादी की मस्ती ,त्योहारों के खान,
सखियों संग ठिठोली, चाय के जाम,
उस पे बिना खबर के मेहमानो का आन,
कैसे भूलु मै अपनन प्यारा हिन्दुस्तानि

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