blogid : 12172 postid : 722370

आधार अनिवार्य करे सुप्रीम कोर्ट

Posted On: 25 Mar, 2014 Others में

! मेरी अभिव्यक्ति !तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

शालिनी कौशिक एडवोकेट

788 Posts

2130 Comments

”आधार से सम्बंधित किसी भी प्रकार के आंकड़े बिना सम्बंधित व्यक्ति की सहमति के किसी अन्य प्राधिकरण से साझा नहीं किये जाने चाहियें ” ये कहकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सरकार से आधार कार्ड की अनिवार्यता ख़त्म करने को कहा है जबकि अभी कल ही की बात है शरद पंवार जी द्वारा ”स्याही मिटाओ और दोबारा वोट डालो ”

का आह्वान चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन हेतु संज्ञान में लिया जा रहा था और यह मात्र शरद पंवार जी के आह्वान पर होने वाला कार्य नहीं है अपितु यह हमारे देश के नागरिकों द्वारा अभ्यास से किया जा रहा है और उनके लिए वोट डालने के बाद स्याही को ऊँगली से छिड़ककर साफ कर देना एक शौक बन चुका है .
लोकतंत्र जनता की सरकार कही जाती है और जनता का एक वोट देश की तकदीर बदल सकता है किन्तु जनता यहाँ जितनी ईमानदारी से अपना कर्त्तव्य निभाती है सब जानते हैं .पहले जब वोटर आई.डी. कार्ड नहीं होता था तब एक ही घर से राजनीति में भागीदारी के इच्छुक लोग ऐसे ऐसे लोगों के वोट बनवा लेते थे जिनका दुनिया में ही कोई अस्तित्व नहीं होता था फिर धीरे धीरे फोटो पहचान पत्र आये और इनके कारण बहुत सी वोट ख़त्म हो गयी किन्तु वोट के नाम पर की जाने वाली धांधली ख़त्म नहीं हुई .बहुत से ऐसे वोटर हैं जिनके पास एक ही शहर में अलग अलग पतों के वोटर कार्ड हैं और यही नहीं ऐसी बेटियों की वोट अभी भी वर्त्तमान में है जिनकी शादी हो गयी और वे अपने घर से विदा हो गयी और ऐसे में उनकी वोट मायके वाले भी रखते हैं और ससुराल वाले भी और वे दोनों जगह ही अपने फोटो पहचान पत्र के साथ अपना सिर गर्व से उठाकर वोट करती हैं किन्तु ये हमारे लोकतंत्र के साथ कितना बड़ा धोखा है जहाँ चालबाजियां चलकर उम्मीदवार व् उनके समर्थक अपनी वोट बढ़ा लेते हैं ऐसे में आधार कार्ड ही वह सफल योजना है जिसके दम पर इस तरह की धांधलियों को रोका जा सकता है क्योंकि ये सारे देश में एक ही होता है .आदमी चाहे यू.पी. का हो या पंजाब का और फिर ये केवल एक वोट की बात नहीं और भी बहुत सी सरकारी योजनाओं की बात है .सरकार की बहुत सी योजनाएं ऐसी हैं जिनका लाभ सभी लोगों तक नहीं पहुँच पाता  उसका कारण भी यही है कि कुछ चालबाज लोग इस तरह की धांधलियों से उन योजनाओं का लाभ हड़प जाते हैं .वे एक ही व्यक्ति को कई व्यक्ति साबित कर देते हैं और उसे बार बार वह लाभ दिलाकर अपने लिए सरकारी पैसा जमा कर लेते हैं .
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को आधार कार्ड की अनिवार्यता को ख़त्म करने का नहीं अपितु सरकार को उसे जल्दी पूरा करने का निर्देश देना चाहिए तभी सरकार जनता की सही हितैषी हो सकती है और सुप्रीम कोर्ट सही रूप में न्याय की संरक्षक क्योंकि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए बल्कि वह दिखना भी चाहिए और वह तभी सम्भव है जब कि व्यक्ति का एक ही अस्तित्व हो न कि स्याही मिटाकर दूसरा .

शालिनी कौशिक
[कौशल ]


Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग