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ग़ज़ल-तिरंगा शान है अपनी ,फ़लक पर आज फहराए ,[contest ]

Posted On: 26 Jan, 2014 Others में

! मेरी अभिव्यक्ति !तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

शालिनी कौशिक एडवोकेट

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तिरंगा शान है अपनी ,फ़लक पर आज फहराए ,

फतह की ये है निशानी ,फ़लक पर आज फहराए .

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रहे महफूज़ अपना देश ,साये में सदा इसके ,

मुस्तकिल पाए बुलंदी फ़लक पर आज फहराए .

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मिली जो आज़ादी हमको ,शरीक़ उसमे है ये भी,

शाकिर हम सभी इसके फ़लक पर आज फहराए .

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क़सम खाई तले इसके ,भगा देंगे फिरंगी को ,

इरादों को दी मज़बूती फ़लक पर आज फहराए .

…………………………….

शाहिद ये गुलामी का ,शाहिद ये फ़राखी का ,

हमसफ़र फिल हकीक़त में ,फ़लक पर आज फहराए .

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वज़ूद मुल्क का अपने ,हशमत है ये हम सबका ,

पायतख्त की ये लताफत फ़लक पर आज फहराए .

……………………

दुनिया सिर झुकाती है रसूख देख कर इसका ,

ख्वाहिश ”शालिनी”की ये फ़लक पर आज फहराए .

……………………….
शालिनी कौशिक

[कौशल]



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