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प्रथम पाठशाला -प्रथम शिक्षक !

Posted On: 1 Jun, 2014 Others में

! मेरी अभिव्यक्ति !तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

शालिनी कौशिक एडवोकेट

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सोच
कारण निर्माण की
कारण विध्वंस की
सकारात्मक है
निर्माण करेगी ,
नकारात्मक है
करेगी विध्वंस ,
सोच का
बनना
संस्कार पर निर्भर ,
संस्कार मिलें
परिवार से ,
परिवार के संस्कार
बोये
माँ का प्यार
कहते हैं सभी
जानें हैं सभी
इसीलिए
परिवार प्रथम पाठशाला
माँ प्रथम शिक्षक !
……………………………
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

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