blogid : 12172 postid : 1331228

.....मरे जो शादियां करके.

Posted On: 21 May, 2017 Others में

! मेरी अभिव्यक्ति !तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

शालिनी कौशिक एडवोकेट

790 Posts

2130 Comments

....मरे जो शादियां करके .

दर्द गृहस्थी का ,बह रहा आँखों से छलके ,

ये उसके पल्लू बाँधा है ,उसी के अपनों ने बढ़के .
……………………………………………………….

पिता के आदेशों को मान ,चली थी संग जिसके वो.
उसी ने सड़कों पर डाला ,उसे बच्चे पैदा करके.
……………………………………………………….
वफ़ादारी निभाई थी ,रात -दिन फाका करती थी ,
बदचलन कहता फिरता है ,बगल में दूसरी धरके .
…………………………………………………..
वो अपने बच्चों की रोटी,कमाकर खुद ही लाती है ,
उसे भी लूट लेता है ,उसी के हाथों से झटके.
…………………………………………………
अगर अंजाम शादी का ,ऐसा ही भयानक है,
कुंवारी ही जिए लड़की ,कुंवारी ही बचे मरके.
…………………………………………………..
दिखी है ”शालिनी”को अब ,दुनिया में बर्बादी है ,
कोई पागल ही होगा अब ,मरे जो शादियां करके .
………………………………………………………
शालिनी कौशिक
[कौशल]

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग