blogid : 12172 postid : 1140967

राष्ट्रीय पुरस्कार :ड्रेस कोड बनाना ही होगा .

Posted On: 8 May, 2016 Others में

! मेरी अभिव्यक्ति !तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

शालिनी कौशिक एडवोकेट

790 Posts

2130 Comments

शालीनता भारतीय नारी का सर्वश्रेष्ठ आभूषण रहा है और आजतक भारतीय नारी इस आभूषण को अपने वस्त्रों के चयन के माध्यम द्वारा पूरी दुनिया के समक्ष रख एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत  करती  रही है .देश के बहुत से समारोहों में इस परंपरा का पालन किया जाता रहा है विशेषकर राष्ट्रपति जी द्वारा प्रदत्त पुरस्कारों के अवसर पर .भले ही राष्ट्रपति स्वयं महिला हों वे भी इसी परंपरा को निभाने में ही स्वयं को गौरवान्वित महसूस करती रही हैं –

Image result for president award function pictures

भले ही खेल के मैदान में स्कर्ट पहनने के कारण विवादों से घिरी रही हो लेकिन राष्ट्रपति जी से पुरस्कार लेते समय अपने देश की परंपरा निभाना नहीं  भूलती

Image result for president award function pictures

खिलाडी वर्ग खेल के वक़्त बहुत सी ऐसी वेशभूषा धारण करती हैं जो हमारे देश की संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं किन्तु वे वेशभूषाएं खेल के लिए ज़रूरी है तब भी वे पुरस्कार लेते वक़्त एक शालीन वेशभूषा में राष्ट्रपति जी से पुरस्कार लेने के लिए उपस्थित होती हैं –

Image result for president award function pictures

ऐसे ही फिल्मों में दृश्य की मांग पर अभिनेत्रियों को बहुत कुछ ऐसा पहनने की छूट मिली हुई है जो भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है लेकिन वहां ये छूट उन्हें देनी पड़ती है किन्तु धीरे धीरे इस छूट का वे नाजायज फायदा उठाने में लगी हैं पहले जहाँ अभिनेत्रियां राष्ट्रीय पुरस्कार में शालीनता से उपस्थित होती थी –

Image result for president award function pictures
उसे अब पुरस्कार लेने आने वाली अभिनेत्री कंगना द्वारा पूरी तरह से तोड़ दिया गया –
Image result for president award function picturesImage result for president award function pictures
जिसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि आगे ऐसी धृष्टता न हो इसके लिए इस सम्बन्ध में ड्रेस कोड बनाना आवश्यक होना चाहिए .वर्ना एक पुराना फ़िल्मी गाना यहाँ तो पूरी तरह से फिट बैठ ही जायेगा और भारतीय संस्कृति का पूरी तरह से हो जायेगा बेडा गर्क –
”पहले तो था चोला बुरका ,
फिर कट-कटकर वो हुआ कुर्ता ,
चोले की अब चोली है हुई ,
चोली के आगे क्या होगा ?
ये प्रश्न तो हम सबको अब विचारना ही होगा .
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग