blogid : 12171 postid : 870076

''कफ़न बांध सिर निकली औरत !''

Posted On: 13 Apr, 2015 Others में

! अब लिखो बिना डरे !शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

DR. SHIKHA KAUSHIK

580 Posts

1343 Comments

Image result for free images of woman movements

हाय बड़ा कोहराम मचा है दुनिया भर की गलियों में ,
कफ़न बांध सिर निकली औरत दुनिया भर की गलियों में !
*************************************************************
घूंघट को दो फाड़ किया चूल्हे में उसे जला डाला ,
मर्दों को दी खुली चुनौती ना कोई गड़बड़झाला ,
फौलादी दिल किया सभी ने हुआ आज ये सदियों में !
कफ़न बांध सिर निकली औरत दुनिया भर की गलियों में !
*************************************************************************
नहीं कुचलने देंगी कलियाँ नहीं उजड़ने देंगी कोख ,
जग में आने से कन्या को मर्द नहीं सकता अब रोक ,
नहीं बधेंगी औरत हरगिज़ मर्दों की हथकड़ियों में !
कफ़न बांध सिर निकली औरत दुनिया भर की गलियों में !
****************************************************************
कमर से नीचे कमर से ऊपर देह हमारी यूँ ना बाँट ,
आओ हाथ लगाकर देखो हाथ तुम्हारे देंगी काट ,
प्रलय -लहर का मचा है तांडव भोली-भाली नदियों में !
कफ़न बांध सिर निकली औरत दुनिया भर की गलियों में !

शिखा कौशिक ‘नूतन’

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग