blogid : 12171 postid : 653023

तुम क़त्ल कर रहे इनका...?

Posted On: 24 Nov, 2013 Others में

! अब लिखो बिना डरे !शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

DR. SHIKHA KAUSHIK

580 Posts

1343 Comments

मत मारो मत मारो मत बेटियों को मारो ,
इनको भी हक़ जीने का ये जान लो हत्यारो !
………………………………………………..
ये नन्ही नन्ही कलियाँ चटकेंगी -महकेंगी ,
ये नन्ही नन्ही चिड़ियाँ फुदकेंगी -चहकेंगी ,
ये भी हैं अंश तुम्हारा , ये तो तनिक विचारो !
इनको भी हक़ जीने का ये जान लो हत्यारो !!
……………………………………………………
ये किरणें हैं सूरज की चमकेंगी चमकेंगी ,
ये दामिनी बन नभ में दमकेगी दमकेगी ,
ये झाँसी की हैं रानी मत अबला इन्हें पुकारो !
इनको भी हक़ जीने का ये जान लो हत्यारो !!
……………………………………………..
ये जननी ,माता ,पत्नी ,पुत्री व् प्यारी बहनें ,
हर रूप है महिमाशाली ,गरिमा के क्या कहने ,
तुम क़त्ल कर रहे इनका खुद को ही अब धिक्कारो !
इनको भी हक़ जीने का ये जान लो हत्यारो !

शिखा कौशिक ‘नूतन’

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग