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नेता जी का बेटा -लघु कथा

Posted On: 26 Dec, 2014 Others में

! अब लिखो बिना डरे !शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

DR. SHIKHA KAUSHIK

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नेता जी का बेटा -लघु कथा

गूगल से साभार

”….क्या बात है आज तो आप बड़े उत्साहित लग रहे हैं ?”विपक्ष के प्रखर नेता की श्रीमती जी ने उनकी टाई की नॉट  ठीक करते हुए पूछा .नेता जी उत्साही स्वर में बोले -”मैडम पूछिए मत ..चुनाव पास हैं और एक लड़की से दुराचार का मुद्दा सत्ता पक्ष के गले की फ़ांस बन गया है .जा रहे हैं गृहमंत्री से मिलने .आंदोलनकारी युवा शक्ति को अपने पक्ष में कर वोटों में तब्दील भी तो करना है ..इससे अच्छा मौका न मिलेगा और …”     श्रीमती जी बीच में टोकते हुए बोली -”घर की समस्याओं पर भी थोडा ध्यान दीजिये .कल बर्तन मांजने वाली बाई मुझसे शिकायत कर रही थी कि हमारा बेटा उसकी बेटी के साथ छेड़खानी   करता है .आप बेटे को डांट दीजिये ..कहिये बुलाऊं  उसे यहाँ ?”  नेता जी मुस्कुराते हुए बोले -”अरे मैडम आप भी ….बड़े बाप का बेटा है …जवान है .अब मौज नहीं करेगा तो कब करेगा ”  ये कहकर नेता जी रौबीले अंदाज़ में बैडरूम से निकल कर चले गए .

डॉ. शिखा कौशिक ‘नूतन ‘

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