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स्त्री की यादों का जंग लगा बक्सा ![CONTEST ]

Posted On: 8 Jan, 2014 Others में

! अब लिखो बिना डरे !शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

DR. SHIKHA KAUSHIK

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Close-up of a mature woman holding a mug of tea Stock Photo - Premium Royalty-Free, Artist: Matthew Plexman, Code: 630-01130638

जीवन के संध्या-काल में ,
बैठी हूँ लेकर यादों का जंग लगा बक्सा ,
खोलते ही खनक उठे
बचपन की टूटी चूड़ियों के टुकड़े ,
और बिखर गए पिता के घर से
विदाई के समय बहे
आंसुओं की माला के मोती !
प्रियतम के प्रेम की चटक लाल
साड़ी कितनी सिकुड़ गयी ,
और ये नन्हें-मुन्नों के छोटे छोटे खिलौने ,
उनकी मुस्कराहट के
छन-छन बजते घुंघरू ,
इधर कोने में रखा है
बेटे के सेहरे और बहू के सुहाग वाले जोड़े की
गुलाबी महक वाली तस्वीरें !
कितना कुछ इस एक ज़िंदगी
के बक्से में रखा है संभालकर ,
दिल में एक अजीब सी हलचल हुई
जिसने तन को ख़ुशी की ठंडक
व् गम की तपिश से
रोमांचित कर डाला !

शिखा कौशिक ‘नूतन’

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