blogid : 25670 postid : 1330831

आशाये

Posted On: 19 May, 2017 Others में

http://tramandustrendingcinema.blogspot.in/Just another Jagranjunction Blogs weblog

shikhanari

3 Posts

1 Comment

सुंदर कोमल एहसासो से,बीजो के कोटर खुलते है
अधखिले बीज मुस्कान लिए,दो अधरों से जब खिलते है
वो दो पंखुडिया जीवन की,कहती है हम भी जीवित है
हाँ बंद थे हम प्राचीरों में,रीतियों की लौह जंजीरों में
पर जब माटी में दफन हुए,हर बंधन से हम मुक्त हुए
कोमल सपनो को हवा मिली,हर दुविधा से हम दूर हुए
नवजीवन हमने अपनाया,फिर सपना नया हमे आया
फिर आशाओं के मेले है ,कब हमने कहा अकेले है
फल फूल खिलेंगे जीवन में ,एक अर्थ मिलेगा जीवन को
हम भी देंगे शीतल छाया ,महकेंगे प्रेम दरीचों में
अपनी भी होगी एक जगह ,अपना भी होगा हमसाया

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग