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राज्य, सरकार और राजनैतिक दल : वर्तमान परिदृश्य में एक आवश्यक स्पष्टीकरण

Posted On: 27 May, 2014 Others में

PAHAL - An Initiative by Shyam Dev MishraJust stepped out... to explore the opportunities..

shyamdevmishra

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आन्ध्र प्रदेश डेरी डेवलपमेंट कारपोरेशन फेडरेशन बनाम बी नरसिम्हा रेड्डी एवं अन्य (Supra) (Para 40) में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट किया गया”

एक राज्य की सरकार के मामले में, नई आई हुई सरकार अपनी पूर्ववर्ती सरकार के अपूर्ण कार्यों को जरी रखने और पूरा करने के लिए कर्तव्यबद्ध है क्यूंकि संविधान के अनुच्छेद 12 में दिए गए अर्थ के अनुसार कार्य “राज्य” का है जो सतत चलता रहता है (अर्थात सरकार आती-जाती है जबकि राज्य बना रहता है) और इसलिए, इस बात की कोई आवश्यकता नहीं है कि नई सरकार अपनी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किसी विषय में उठाये गए कदम, यानि “राज्य के कार्य” के विरुद्द अनुनय/वकालत करे या मत पेश करे। एक सतत जारी रहने वाला निकाय (संस्था) होने के के कारण राज्य को किसी प्रश्नगत मामले में अपना अपना दृष्टिकोण/मत बदलने से रोका जा सकता है, लेकिन जहां एक जांच/परीक्षण करने के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि प्रश्नगत कार्य, विधि के अनुपालन में नहीं है (अर्थात अवैध है), (सरकार द्वारा दृष्टिकोण बदलने पर) निषेध का सिद्धांत लागू नहीं होगा (अर्थात उसे रोक नहीं जा सकेगा)।

इस प्रकार, जबतक कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किया गया कार्य विधिक प्रावधानों (कानून) के विरुद्ध नहीं पाया जाता, अनुचित या नीति-विरोधी नहीं होता, राज्य को अपना स्टैंड (मत) केवल इसलिए नहीं बदल देना चाहिए क्यूंकि कोई अन्य राजनैतिक दल सत्ता में आ गया है। किसी व्यक्ति या राजनैतिक दल का राजनैतिक एजेंडा विधि के शासन के लिए विध्वंसकारी (विरोधी) नहीं होना चाहिए।

सरकार को निहित स्वार्थ और भाई-भतीजावाद के दायरे से ऊपर उठाना होगा क्यूंकि प्रशासन के सिद्धांत न्याय, समानता और औचित्य की कसौटी पर जाँचे जाने होते हैं। निर्णय हमेशा अच्छे विश्वास (good faith) में लिए जाने जरुरी है और उनका वैध/उचित (legitimate) होना अनिवार्य है”

Original Text from Judgment:

40. In the matter of the Government of a State, the
succeeding Government is duty bound to continue and carry 10
on the unfinished job of the previous Government, for the
reason that the action is that of the “State”, within the
meaning of Article 12 of the Constitution, which continues to
subsist and therefore, it is not required that the new
Government can plead contrary to the State action taken by
the previous Government in respect of a particular subject.
The State, being a continuing body can be stopped from
changing its stand in a given case, but where after holding
enquiry it came to the conclusion that action was not in
conformity with law, the doctrine of estoppel would not
apply. Thus, unless the act done by the previous
Government is found to be contrary to the statutory
provisions, unreasonable or against policy, the State should
not change its stand merely because the other political
party has come into power. “Political agenda of an individual
or a political party should not be subversive of rule of law”.
The Government has to rise above the nexus of vested
interest and nepotism etc. as the principles of governance
have to be tested on the touchstone of justice, equity and
fair play. The decision must be taken in good faith and must be legitimate.”

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