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आम आदमी पार्टी के महिला और बाल कल्याण मंत्री संदीप कुमार विवादों के घेरे में ?

Posted On: 4 Sep, 2016 Others में

Vichar ManthanMere vicharon ka sangrah

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दिल्ली सरकार के महिला,बाल कल्याण मंत्री संदीप कुमार की एक विवादित सीडी चैनल में दिखाई देने के बाद से चर्चा में है | जिनमें वह दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक पोज में दिखाई दे रहे हैं | मुख्यमंत्री केजरी वाल ने उन्हें बर्खास्त कर लिखा, सीडी प्राप्त होने के आधे घंटे बाद उन्होंने मंत्री संदीप कुमार को उनके पद से हटा दिया|  संदीप कुमार को गंदी मछली कहते हुए कहा ‘आम आदमी पार्टी के मिशन के लिए जिन लोगो ने बलिदान दिया है यह उनकी उम्मीदों से धोखा है ,पार्टी आम जीवन में शिष्टाचार से समझौता नहीं कर सकती| हम पूरी जांच पड़ताल के बाद ही पार्टी में लोगों को जगह देते हैं दुःख है ऐसे लोग हमारे बीच थे’ |केजरी वाल ने अपने दल की श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए कहा हम अन्य पार्टियों की तरह नहीं है जो अपने लोगों को बचाने में लगी रहती हैं| हर विवाद में अपने प्रचार की आदत की वजह से मुख्य मंत्री भूल गये “मामला विधायक की सेक्स सीडी का था” | कहा जा रहा है सीडी उनके पास कई दिनों से थी कोई एक्शन न होने के बाद मीडिया को दी गयी |

संदीप कुमार सुलतान पूरी माजरा से विधायक है वहाँ के मतदातों ने उसे भारी मतों से जिताया था जिनमें केवल दलित वोट नहीं थे, राजनीति करते हुए उसने दलित कार्ड खेला कहा उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया है उन्होंने स्वयं इस्तीफा दिया है वह गरीब हैं, दलित में भी महादलित बाल्मीकि है, उसने अपने यहाँ अम्बेडकर की मूर्ति लगवाई है यही उसका कसूर है| इसलिए उनके साथ ऐसा किया गया है |’ संदीप ने अपने को गरीब कहा जबकि दो बार निजी खर्च पर पत्नी सहित अमेरिका जा चुका है मंत्री है तीन सरकारी गाड़ियाँ हैं| आशुतोष पार्टी प्रवक्ता संदीप कुमार के बचाव करने में उतर आये जैसा आम आदमी पार्टी में अक्सर होता है दलील से दूसरों को लपेटा जाता है ने कहा बिना तथ्यों की पड़ताल किये इसे सेक्स का मामला बनाने की कोशिश की गयी है जबकि यह सहमती से जुड़ा प्रसंग है इसमें अपराध क्या है ?जैसे हम खाते पीते सांस लेते हैं यह भी प्राकृतिक है यही नहीं उन्होंने लिखा भारत के इतिहास में ऐसे नेताओं के उदाहरण हैं जिन्होंने सामाजिक बन्धनों से हट कर अपनी कामनाओं की पूर्ति की थी लेकिन उन्हें हीरो माना जाता है | देश के महान नेताओं में गाँधी जी और अन्य महान हस्तियों को भी लपेट लिया उनकी तुलना में संदीप को खड़ा कर उनके समान सिद्ध करने की कोशिश की|

आशुतोष बचाव में उतरे ही थे अगले दिन सीडी में दिखाई देने वाली एक महिला सुलतान पुरी थाने आई उसने अपने स्टेटमेंट में लिखाया उसे राशन कार्ड की जरूरत थी वह परेशान थी विधायक ने उसे राशन कार्ड बनवाने का आश्वासन दे कर अपने कमरे में बुला कर ठंडा पेय पिलाया उससे मंत्री जी कुछ देर बातें करते रहे उसके बाद उसे कुछ नहीं पता होश आने पर उसने विरोध किया ऐसे क्यों किया |उत्तर मिला राशन कार्ड नहीं बनवाना है |उसे नहीं पता उस समय विडियो पर सीडी बनाई जा रही है देश का दुर्भाग्य है और विधायक की गिरावट ,राशन कार्ड के लिए महिला के सम्मान को रोंदा गया |अभी जांच चल रही है | आशुतोष भूल गये भारत की एक संस्कृति है विधायक विवाहित हैं विवाहित व्यक्ति के ऐसे सम्बन्धों को हमारे यहाँ सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता | सीडी क्यों बनायी गयी ?क्या महिला को ब्लैक मेल करना था? या अपने अहम की तुष्टि करना था , अपने लोगों में डींग हांकना था महिला कल्याण मंत्री कितना समर्थ है | अब लगभग सभी आप पार्टी के सदस्यों ने आशुतोष के बचाव वाले ब्यान से पल्ला झाड लिया उलटा अब वह गांधी जी की महानता के चर्चे कर सफाई पेश कर रहे हैं| सभी दलों के प्रवक्ताओं ने दलीय भावना से उठ कर विधायक के कृत्य की निंदा की है |संदीप कुमार को आप की प्रार्थमिक सदस्यता से हटा दिया गया था | महिला से बलात्कार , उसका वीडियो बनाना ,धोखे से नशीला पदार्थ पिला कर शोषण का केस दर्ज किया गया है वह गिरफ्तार है |आशुतोष ने जिन महान हस्तियों को लपेटा उनमें

विश्व की सर्वाधिक चर्चित हस्तियों में एक मोहन दास करम चंद गांधी जी हैं| गाँधी जी ने जितना भारत को जाना समझा उतना शायद किसी ने नहीं उन्होंने देश की दरिद्रता को महसूस किया उसमें जी कर देखा ऐसा महात्मा जो सदी में कभी ही जन्म लेता है |जनता उन्हें बापू कहती थी टैगोर ने उन्हें महात्मा की उपाधि दी थी सुभाष चन्द्र बोस ने 6 जुलाई 1944 में उन्हें राष्ट्रपिता के नाम से रंगून रेडियो से सम्बोधित किया था| राष्ट्रपिता इतिहास के पन्नों में अमर हैं विश्व के महानुभावों ने गांधी जी के बारे में श्रद्धा व्यक्त कर कहा हम जितना बापू को जानने की कोशिश करते हैं उतना ही बापू मय हो जाते हैं |

पहले नेहरु बन के देखो? एक धनाढ्य परिवार में जन्में जवाहर लाल ने देश के स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लिया जेल गये | 15 अगस्त 1947 देश आजाद हुआ लेकिन जर्जर हालत में देश का पुनर्गठन करने के लिए हर चुनौती का सामना कर आधुनिक भारत के निर्माण का प्रयत्न किया | योजना आयोग का गठन किया पंच वर्षीय योजनाओं की शुरुआत की देश का वैज्ञानिक और प्रौद्योगिक विकास किया। विश्व की दो महान शक्तियों अमेरिकन ब्लाक और रशियन ब्लाक में शामिल न हो कर तटस्थता की नीति अपनाई |विश्व  को पंचशील का संदेश दिया विश्व के हर झगड़ों के समाधान में उनकी महत्वपूर्ण पूर्ण भूमिका थी लेकिन चीन के साथ उनका तालमेल नहीं बैठ सका 1962 में चीन से भारत हार गया | विश्व में भारत को गाँधी और नेहरु का देश भी कहा जाता है|

अटल बिहारी बाजपेयी – भाजपा से तालमेल न बैठते हुये भी अटल बिहारी बाजपेयी जी का सभी राजनेता सम्मान करते थे | मोरारजी देसाई की सरकार बनी जिसमें अटल जी विदेश मंत्री थे उन्होंने विदेशों में भारत की छवि बनाई ।अटल जी के नेतृत्व में 19 अगस्त 1998 में 13 दलों की गठ्बन्धन सरकार बनी जिसमें अटल जी इतिहास में लोकप्रिय प्रधान मंत्री के रूप में जाने जायेंगे |गुपचुप ढंग से तैयारी के बाद पोखरन में पांच परमाणु परिक्षण कर विश्व को चकित कर दिया  ।19 फ़रवरी 1999 को दिल्ली से लाहौर बस सेवा शुरू की सेवा का उद्घाटन करते हुए पहले यात्री के रूप में वाजपेयी जी ने पाकिस्तान की यात्रा कर पकिस्तान से नये सम्बन्धों की शुरुआत की लेकिन फिर भी करगिल युद्ध हुआ |

डॉ राममनोहर लोहिया- महान स्वतन्त्रता सेनानी और समाजवादी नेता ,जेल गये अनेक यातनाएं सहीं | वह चाहते थे दुनियाभर के समाजवादी एक जुट होकर मजबूत मंच बनायें पहले कांग्रेस में उनका समाजवादी ग्रुप था बाद में उनके प्रयत्न से गैर कांग्रेस वादी मंच बना | 1967 में कई राज्यों में कांग्रेस हार गयी बड़ी मुश्किल से केंद्र में कांग्रेस की सरकार बन सकी |वह राजनीति में शुद्ध आचरण की बात करते थे |अंग्रजी हटाना चाहते थे चिंतक थे लेकिन कर्म में विश्वास करते थे  राजनीति में नई दिशा देने वाले के रूप में उनकी पहचान थी | उन्होंने ऐसी राजनीतिक पाठशाला तैयार की जिसमें उनके समाजवादी चेले उन्हें अपना आदर्श मानते हैं गर्व से अपने को लोहियावादी कह कर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं जबकि उनमें कई परिवारवादी हैं | लोहिया जी का नारा था गरीबी हटाओ किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य मिले उनके नारे आज भी सरकारों का आदर्श हैं |

जार्ज फर्नाडीज – जाना माना नाम पत्रकार ,पूर्व ट्रेड यूनियन लीडर राजनेता मजदूरों केअधिकारों के लिए संघर्ष रत वह जनता दल में प्रभावशाली नेता थे जनता दल टूटने पर समता पार्टी का गठन किया |केन्द्रीय मंत्रिमंडल में संचार , उद्योग रेलवे और रक्षा मंत्री के रूप में काम किया |

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