blogid : 15986 postid : 1204730

जेहाद ,दीनी सियासत या आतंक की पाठशालायें ?

Posted On: 15 Jul, 2016 Others में

Vichar ManthanMere vicharon ka sangrah

Shobha

260 Posts

3111 Comments

विदेश में प्रवास के दौरान एक पाकिस्तानी डाक्टर ने कहा हर कौम का अच्छा समय आता है इस्लाम का स्वर्णनिम युग फिर आयेगा मैने पूछा क्या आप ओटोमन एम्पायर की बात की बात कर रहे हैं? वह बुद्धिजीवी थे उन्होंने कहा नहीं, मुस्लिम नौजवानों की बात कर रहा हूँ वह आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा ग्रहण कर दुनिया पर छा जायें| बटवारा हुआ दो मुल्क बने भारत और पकिस्तान आपका देश कहाँ से कहाँ पहुंच गया हम पिछड़ गये | पकिस्तान के जरनलों को सत्ता का चस्का लग गया था जरनल जिया उल –हक समझ गये थे भारत को युद्ध की चुनौती देना आसान नहीं है नये तरह के युद्ध आतंकवाद को हवा दी अब तो पाकिस्तान में तीन सत्तायें हैं जनता की चुनी हुई सरकार विश्व के सामने मुखोटा है , आईएसआई जिसका खुला बजट है , पाकिस्तान को बर्बादी की तरफ ले जाने वाले आतंक की पाठशाला के प्रधानाचार्य हाफिज सईद जैसे जवानों मे जोश भर कर उनके हाथ में कलम की जगह बंदूक पकड़ा कर आतंकवादी बनाते महानुभाव | भारत की बर्बादी का सपना देखते रोज नये नाम धरते लश्कर पाकिस्तान को भी आतंक का दंश झेलना पड़ता है | भारत में आतंकवादी निर्यात किये जाते हैं पकिस्तान से भेजे जाने वाले नकली नोटों से इकोनोमी को खराब करना नशे की खेपें भेज कर यहाँ की नस्लों को नशे की गर्त में धकेलना आतंकवाद के हथियार हैं |
जब भी मुस्लिम समाज पर ऊँगली उठती है मुस्लिम नेता ब्लेम गेम शुरू कर देते हैं हर बात के लिए बहाना बना कर दुनिया की सभी घटनाओं को जोड़ कर अपने आप को पीड़ित सिद्ध कर बच निकलने का रास्ता निकालते हैं |क्या हम भी अपने देश के साथ जो भी हुआ उसका दोष इतिहास में ढूंढें मंगोलिया के हमलावर मंगोलों से शुरू करे , शक हूणों से कहानी आगे बढाकर विदेशी हमलावर मुस्लिमों के शासन में होने वाले अत्याचारों , अपने ही देश में जजिया देना पड़ा हमारी धर्म संस्कृति को रोंदा |ब्रिटिश हकुमत आई 200 साल तक राज किया अकूत सम्पत्ति लूटी | क्या हम ब्रिटेन पर हमला करने जायें वैर बढायें या विकास के रास्ते पर चलें | आतंकवादी घटनाओं से विश्व के विकसित और विकास शील देश परेशान हैं | 2016 में फ्रांस ,ब्रुसेल्स ,टर्की , बंगलादेश में अब तक आतंकवादी घटनाएँ हुई सबके पीछे इस्लामिक आतंकवादियों का हाथ था लेकिन मुस्लिम समाज को लोग शक की नजर से देख रहे हैं उनके लिए बचाव करना मुश्किल है उनका क्या दोष ? एक नन्हा बच्चा चाहे गरीब की झोंपड़ी में जन्म ले या खाते पीते घर में हर माता पिता अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का सपना देखते हैं | क्या कभी किसी माता पिता ने चाहा है उसका बच्चा आतंकवादी बने , जिहादी बने चलता फिरता असलहे का जखीरा , गले में हथगोलों की माला कमर में कारतूसों की पेटी ,हाथ में ओटोमेटिक बंदूक पकड़े या जिन्दा इन्सान बम बन कर निर्दोषों को मार कर शहीद कहलाये वह समाज को वलीमा खिलायें |किसी के बच्चे को बरगलाना , भडकाना जेहादी बनोंगे सबाब का काम होगा ,जन्नत के दरवाजे खुले मिलेंगे वहां हर सुख और एक दो नहीं 72 हूरें मिलेंगी | पहले कच्ची उम्र के गरीब नौजवानों पर अधिक असर पड़ता था उन्हें यह जीवन बेकार लगता है | जेहादी बन कर शहादत दो तुरंत जन्नत मिलेगी यहाँ एक पत्नी नसीब नहीं है वहाँ हूरें मिलेंगी कोई जिम्मेदारी भी नहीं |
अब तो खाते पीते घरों के पढ़े लिखे लडकों को माता पिता से विमुख कर बरगलाया जाता है मियाँ दीन के लिए क्या कर रहे हैं तुम्हें एक दिन दुनिया से कुफ्र मिटाना है दुनिया को इस्लाम करना है ईरान में बहुत अक्सर सूना था आखिर यक रोज इस्लाम फिरोज मिशे ( एक दिन इस्लाम जीतेगा ) इसके लिए कुर्बानी चाहिये | इनकी सोच इतनी बदल जाती है वह कहते थे न मादर न पिदर सिर्फ बिरादर और एक अपनी ही सपनों की दुनिया में पहुंच जाते थे उनका एक ही सरोकार था दुनिया से कुफ्र खत्म करना | यह प्रवृति बढ़ रही है | भगवान सबके लिए रोटी की जुगाड़ करता है शेर शिकार खा कर पड़ा होता है एक छोटी सी चिड़िया उसके जबड़ों से मॉस के छोटे- छोटे टुकड़े चुन कर अपना पेट भरती है शेर मुहँ खोल कर लेटा रहता है | यदि ईश्वर चाहेगा इनका काफिर खुद ही मर जाएगा यह क्यों कष्ट उठाते हैं |
आतंकवाद के रास्ते पर ले जाना बिजनेस बन गया है पकिस्तान के आतंकवादी ठेकेदार कश्मीरी बच्चों को डाक्टर या इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बहाने बरगला कर बुलाते हैं कुछ समय बाद ट्रेनिंग कैंपों में आतंक की ट्रेनिग देकर बार्डर पार करवा कर दुनिया को बताने की कोशिश करते है यह कश्मीर के ही लोग अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं | जब हज पर जाते हैं हज के दौरान शैतान को पत्थर मारते हैं कश्मीर में नई उम्र के बच्चों को भारतीय सुरक्षा बलों को पत्थर मारने की ट्रेनिंग दी जाती हैं लेकिन मुहँ ढक यदि शैतान को पत्थर मार रहे हो तो मुहं क्यों ढकते हो जानते हैं पैसा ले कर अपराध कर रहे हैं | सुरक्षा बल भी क्या करें उन्हें अपने लोगों का लिहाज है ?सम्पूर्ण कश्मीर जल रहा है किसके इशारे पर ?पाकिस्तान के इशारे पर उसके अपने बिलोचिस्तान मे आजादी की लड़ाई दबायी नहीं कुचली जाती है | पकिस्तान के नियन्त्रण वाले कश्मीर की हालत खराब है वहाँ आतंकवादी कैंप बने हैं | काश्मीर की सुरम्य घाटियों और नौजवानों पर आईएसआईएस की नजर पड़ गयी है जब भारत के खिलाफ अलगाववादी प्रदर्शन करते हैं उनके पीछे आतंकवादी पाकिस्तान के साथ इस्लामिक स्टेट का झंडा लहराते हैं पत्थर ब्रिगेड पत्थर मारती है तैयारी है इन अभागों के हाथ में बंदूक और चाक़ू देने की किसी का भी गला काटने में संकोच न करें जिन बच्चों को पढ़ना था जीवन बनाना था उन्हें उस युग की तरफ ले जा रे हैं जब इन्सान पत्थर से शिकार करता था | हैरानी की बात है अलगाववादियों के अपने बच्चे विदेशों में पढ़ते है उनका भविष्य सुरक्षित है |यासीन मलिक की पाकिस्तानी बीबी अपनी बच्ची के साथ पाकिस्तान में रहती है यह यहाँ कश्मीर में नेतागीरी कर रहे हैं |
जाकिर नाईक नया धर्म का ठेकेदार यूँ कहिये धर्म का व्यापारी बौद्धिक आतंकवादी जिसकी इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन में दुनिया भर के मुस्लिम जकात भेजते हैं सउदिया बहावी मुल्क पेट्रो डालर से मदद करता है| उसके पीस टीवी के जरिये उसके प्रोग्राम दुनिया में देखे जाते हैं करोड़ों की सल्तनत का मालिक| उसका बेटा सउदी अरब में इस्लामिक शिक्षा ले रहा है उसे पिता की स्टेट सम्भालनी है पढ़े लिखे नौजवानों को आकर्षित करने के लिए टाई लगा कर शानदार सूट पहनता है सिर पर टोपी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है उलेमाओं और मोलवियों से अलग वेशभूषा उसने दूसरे धर्मों के बारे में भी अपने मतलब की जानकारी हासिल कर ली है |भव्य स्टेज पर वह अदा से मंच संचालन करता है भारत जैसे धर्म निरपेक्ष देश अनेक धर्म के मानने वालों से तर्क शास्त्र करो आपके फलां धर्म ग्रन्थ में यह लिखा है फिर अपनी बात कहो दूसरो को नीचा दिखाओ इस्लाम को सबसे अच्छा सिद्ध करो |खुले में कलमा पढ़ाओ धर्म परिवर्तन करो जानता हैं वोट बैंक की राजनीती है कोई कुछ नहीं कहेगा अब तो इसकी भी पोल खुल गयी है जिनसे वह शास्त्रार्थ करता है पहले से तय है , सवाल भी तय जबाब भी तय पीछे खड़े लोग भी तय| इतिहास गवाह है भारत गुलाम था जमीर गुलाम और मजबूर था दरबार में मुस्लिम उलेमा के सामने थर -थर कांपता पंडित जी बैठा दिया जाते थे उससे तर्क नहीं धर्म का मजाक उड़ाया जाता सत्ताधारी धर्मात्मा बन जाते बाकि काफिर| फिर अंग्रेज आये मुस्लिम मौलवियों और हिंन्दु पंडित से ईसाई पादरी धर्म चर्चा कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते उनका राज था वह भी धर्म परिवर्तन करवाते भारतीय मजबूर था | मौलवी कुरान पढ़ाते हैं मदरसे चलते थे जाकिर उनको मिलने वाली जकात पर हाथ साफ़ करने लगा | प्रशासन की नींद नहीं खुली पीस टीवी की बेबसाईट का लिंक जमाएत –उल दावा से लिंक जुड़ा है , टीवी में दिए गये भारत के नक्शे में जम्मू कश्मीर गायब है | जाकिर के प्रवचन आतंकवादियों के प्रेरणा स्तोत्र है |बंगला देश के दो पढ़े लिखे खाते पीते नौजवान जाकिर नाईक के प्रवचनों से प्रभावित हैं उन्होंने अल्लाहो अकबर के नारे लगा कर एक रेस्टोरेंट में प्रवेश किया उनके हाथ में गन और हथगोले थे | उपस्थित लोगों से कुरान की आयतें सुनी ,विदेशियों के गले बुरीदे | बंगला देश और पश्चिमी बंगाल तथा भारत के कई शहरों में इस्लामिक स्टेट की विचारधारा मुस्लिम युवकों को अपनी लपेट में ले चुकी है माता पिता मजबूर हैं समझ रहे हैं रात में इंटरनेट के जरिये उनके बच्चों का ब्रेनवाश कर आई एस की दीनी सियासत उनको आकर्षित कर रही है |
डॉ शोभा भारद्वाज

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग