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बेवफा दिल्ली वाले

Posted On: 27 Apr, 2017 Others में

Vichar ManthanMere vicharon ka sangrah

Shobha

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दिल्ली ने कई राजवंश ,सल्तनतें ,बादशाहत यहाँ तक रानी विक्टोरिया का विदेशी शासन भी देखा| देश आजाद हुआ देश में संसदीय प्रणाली की स्थापना हुई| दिल्ली विधान सभा में शीला दीक्षित सरकार का बहुमत था वह 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहीं |दिल्ली एमसीडी में भाजपा आसीन थी शीला दीक्षित जी ने विधान सभा में प्रस्ताव पास करवा कर डॉ मनमोहन सरकार से एमसीडी के तीन हिस्से करवा लिये | सोचा था किसी एक एमसीडी के हिस्से पर कांग्रेस का अधिकार हो जाएगा | शीला जी विधानसभा का चुनाव हार गयीं थीं| दिल्ली विधान सभा में केजरीवाल को बहुमत मिला लेकिन सरकार बनाने का पूर्ण बहुमत नहीं था अत : कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनी |

केजरी वाल जी की नजर केंद्र पर थी जन लोकपाल का विवाद उठा कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे कर बनारस मोदी जी के खिलाफ चुनाव जीतने चले गये उनका विचार था केंद्र में मिली जुली सरकार बनेगी मोदी जी को हराने से उनका कद बढ़ जाएगा वह प्रधान मंत्री पद के दावेदार होंगे लेकिन हारने के बाद फिर से दिल्ली का रुख किया दिल्ली की जनता से माफ़ी मांगी जीतने पर पाँच वर्ष तक सेवा का आश्वासन दिया ,दिल्ली चुनाव में बड़े-बड़े वादे , लगभग सत्तर वादे किये | चुनाव में जो वोट देने के लिए कम ही निकलते थे घरों से निकल कर आये |मुफ्त का पानी आधे दाम पर बिजली भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली के नाम पर वोटिंग हुई | जनता ने भी जम कर उनपर अपना प्यार और विश्वास बरसाया 70 की विधान सभा मे 67 सीटें मिली दिल्ली में झाडू लहराया| अब वह दिल्ली एमसीडी को अपने अधिकार में लेना चाहते थे कभी भी वेतन रोक देते आये दिन शोर शराबा मचता एमसीडी के वर्कर अक्सर कूड़ा फैला कर या डंप कर अपना विरोध जताते केजरी वाल समझते रहे जितना हो हल्ला होगा  प्रधान मंत्री जी की छवि खराब होगी वह मोदी जी को चैलेंज देते नजर आते, मोदी विरोध केवल कमियां निकालना उनका एजेंडा था |सत्ता में रहते हुये भी वह चुनाव मूड में रहते हैं कभी संविधान में दिल्ली सरकार के अधिकार और कर्तव्य क्या हैं ?नहीं देखे| उपराज्यपाल का विरोध करना उनका मुख्य कर्तव्य है |

मुख्य मंत्री केजरी वाल जी ने किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं ली मनीष शिशोदिया को उपमुख्यमंत्री का पद दिया अब दिल्ली में वह उनके सिपहसालार थे मुख्यमंत्री की नजर पंजाब , गोआ और गुजरात चुनाव पर थी वह अपने दल का जनाधार को बढ़ाने अपनी छवि निखारने में लग गये | उनके चेहरे के फेशल ,अर्थात उनके विज्ञापन पर करोड़ों रुपया खर्च किया गया दिल्ली से बाहर भी उनका विज्ञापन हुआ आप पार्टी का अर्थ केजरीवाल| उनका ध्यान केवल पंजाब के चुनाव पर था | पंजाब की जनता अकाली सरकार से खिन्न थी पाकिस्तान से निरंतर ड्रग की सप्लाई हो रही थी लेकिन पंजाब सरकार उदासीन | ड्रग का चलन इतना बढ़ गया जवान पीढ़ी ड्रग और शराब में डूबी रहती | केजरीवाल जी के लिए सुअवसर था उन्होंने ड्रग के विरोध के साथ अकाली दल को भी चुनौती थी अब वह पंजाब के मुख्यमंत्री बनना चाहते थे या वहाँ भी अपना नुमाईन्दा बिठा कर गुजरात फतह करना चाहते थे ? कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अरमिन्दर  सिंह भी लगातार प्रचार में जुटे रहे नतीजा सामने हैं कांग्रेस को सत्ता मिली केजरीवाल को आशा के विपरीत परिणाम मिला केजरी वाल समझते थे वह अजेय हैं नेपोलियन की तरह हार शब्द उनके शब्द कोष में नहीं था वह तिलमिला गये |

मायावती जी उत्तर प्रदेश में चुनाव हार गयीं उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं का मौरल बचाने के लिए हार का ठीकरा ईवीएम मशीनों पर फोड़ा केजरीवाल ने और आगे बढ़ कर चुनाव आयोग को भी लपेट लिया |आरोप लगाने में उन्हें महारथ हासिल है | गोवा में चालीस सीटों पर उम्मीदवार खड़े किये थे लेकिन 39 की जमानत जब्त हो गयी|  राजौरी गार्डन की विधान सभा उपचुनाव में उनके उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गयी | एमसीडी चुनाव में हार की आहट आ चुकी थी केजरीवाल ने मकान मालिकों को हाउस टैक्स माफ़ करने का  प्रलोभन दिया वह भूल गये दिल्ली निवासी अधिकांशतया किरायेदार है उनको आधी बिजली और मुफ्त पानी का लाभ भी मालिक मकान नहीं देते | स्कूलों में कमरे बने बच्चों को डिजाईनर ड्रेस भी दिए गये लेकिन शिक्षा का स्तर नहीं सुधरा स्कूलों में शिक्षक पहली ही की तरह उदासीन हैं |उन्होंने डेंगू चिकनगुनिया का डर भी दिल्ली के मतदाताओं को दिखाया वह भूल गये जिस समय दिल्ली के लोग चिकनगुनिया और डेगू से जूझ रहे थे उनके मंत्री और वह दिल्ली से बाहर अगले प्रदेशों में अपनी पताका फहराने के फिराक में थे और मनीष जी फिनलैंड के दौरे पर थे | दिल्ली में केवल कपिल मिश्रा थे |

ईवीएम मशीन के खिलाफ इतना प्रोपगंडा किया सुनते- सुनते लोग परेशान हो गये कुछ विचारक कहते हैं ज्यादातर वोटर इस लिए बाहर नहीं निकला उन्हें डर था उनका वोट भाजपा के खाते में जाएगा | एमसीडी चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत विधान सभा चुनाव के मुकाबले ग्यारह परसेंट और बढ़ा आप का प्रतिशत आधा रह गया उनके आरोप के हिसाब से लगभग उनकी न के बराबर सीटें आनी चाहिए थीं कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटना चाहिए था |

पहले वह प्रेस कांफ्रेंस करते थे सबको बेईमानी का सर्टिफिकेट देते बिना पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर दिए चले जाते हैं |अब आरोप प्रत्यारोपण के वीडियो भेजने लगे हैं उन्होंने सर्जिकल स्ट्राईक जैसे मिलिट्री आपरेशन पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया अपने आप को मोदी जी के समकक्ष सिद्ध करने के लिए क्या नहीं किया |उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी ने कम समय में जता दिया जनता का भला करने के लिए जरुरत इच्छा शक्ति की होती है |

केजरीवाल के सामने प्रश्न है बड़े –बड़े सब्ज बाग़ दिखा कर नवयुवकों को अपने से जोड़ा था उन्होंने भी अपने कैरियर दांव पर लगा दिये उन्हें कैसे घेरें |

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