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"भारत की पकिस्तान पर कूटनीतिक विजय" पकिस्तान वार्ता से पीछे हटा

Posted On: 23 Aug, 2015 Others में

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भारत की पकिस्तान पर कूटनीतिक विजय पकिस्तान वार्ता से पीछे हटा
प्रधान मंत्री श्री मोदी जी ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में भाग लेने उफ़ा पहुचें उफा में नरेंद्र मोदी और श्री नवाज शरीफ के बीच द्वीय पक्षीय वार्ता में भारत की तरफ से राष्ट्रीय सलाहकार अजित डोवाल और विदेश सचिव जयशंकर प्रसाद पाकिस्तान की तरफ से विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज सहित अनेक अधिकारी शामिल हुए | एक घंटे तक चलने वाली बातचीत में दोनों देश ने शांति और विकास को बढ़ावा देना दोनों देशों की जिम्मेदारी हैं, आतंकवाद के खातमें के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के लिए दोनों देशों ने सहमती जताई |आतंकवाद के हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय सलाहकारों की नई दिल्ली में बैठक होगी , बीएसएफ और पकिस्तान रेंजरों, सीमा सुरक्षा पर तैनात हैं उनकी मीटिंग शुरू होगी बाद में सीमा पर शांति के लिए डीजीएमओ की बैठक होंगी| 15 दिनों में एक दूसरे के मछुआरे व् उनकी नौकायें छोड़ी जाएँगी ,धार्मिक पर्यटन को एक दूसरे
के देश में बढ़ाने पर सहमती होगी अंत में पकिस्तान मुम्बई हमले के दोषियों को सजा देने की प्रक्रिया में तेजी लायेगा तथा साजिश करने वालों के आवाज के नमूने सोंपे जायेंगे |
वार्ता का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और हिंसा पर अंकुश लगाया जाएगा था | दोनों देशों के राष्ट्रीय सलाहकारों ने मिल कर स्टेटमेंट दिया वार्ता के सभी पहलू लिखित थे | पकिस्तान लौटते ही नवाज शरीफ का जम कर विरोध हुआ सेना और आई एस आई कभी भी भारत से किसी भी शांति वार्ता की इच्छुक नहीं है इसके अलावा हाफिज सईद जैसी ताकतें अपना अलग दबाब बनाये हुए हैं भारत के विदेश मंत्रालय वार्ता की तारीख तय करने के लिए 23 जुलाई को पहला पत्र भेजा 14 अगस्त को 23 अगस्त से वार्ता की तारीख निश्चित की गई | जब से उफा में आपस में वार्ता करने की बात हुई है सीमा पर पकिस्तान की गतिविधियां तेज हो गई अब तक वह 91 बार सीमा पर गोला बारी कर भारत को डराने की कोशिश कर रहा है जिसमें सिविलियन की मौत हुई गाँव वालों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा | गुरुदासपुर के बीना पुलिस स्टेशन पर आतंकवादी हमला हुआ जिसमें चार जवान शहीद और तीन नागरिको की मौत हुई कई नागरिक जख्मी भी हुए यही नहीं उधमपुर पुर में बीएसएफ के जवानों की बस पर हमला किया गया जिसमें जवान शहीद हुए लेकिन पकिस्तान द्वारा भेजा आतंकवादी जिन्दा पकड़ा गया पाकिस्तान अपने नागरिको का आतंकवाद के लिए इस्तेमाल करता है उन्हें भारत में आतंक मचाने के लिये भेजता है लेकिन नागरिक मानने से इंकार करता है उनके शव लेने से इंकार करता है इन्हें उनके देश में कब्र देने से इंकार करता हैं |
तब से हर दिन हलचल से भरा रहा पाकिस्तान के राष्ट्रीय सलाहकार सरताज अजीज ने आतंकवाद के मुद्दे में जम्मू कश्मीर के एजेंडे को भी वार्ता में रखने की बात कही साथ ही भारत के हाई कमिशन ने अलगाव वादियों और हुरियत नेताओं को अपने यहाँ वार्ता से पूर्व दावत पर बुलाया उनका पक्ष जानने की बात कही| इस पर भारत सरकार को सख्त एतराज था | शिमला समझौता के अंतर्गत कश्मीर के मामले में भारत पकिस्तान के बीच द्विय पक्षीय वार्ता होगी किसी भी तीसरे पक्ष की उपस्थिति स्वीकार नहीं होगी , उफ़ा में भी दोनों देशों के राष्ट्रीय सलाहकारों ने मिल कर वक्तव्य में आतंकवाद और हिंसा पर वार्ता पर सहमती जताई थी जब यह वार्ता सफल हो जाएगी आतंकवाद और हिंसा समाप्त होने के बाद अन्य विषयों पर बात की जाएगी |
हुरियत और अलगाववादी गुट कश्मीर की में अपनी राजनितिक रोटियां सकते हैं | पाकिस्तान को भी उनका कश्मीर समस्या को लगातार जिन्दा रखना बहुत पसंद हैं अभी हाल के चुनावों मै कश्मीर की जनता ने आतंकवादियों के भय से मुक्त होकर चुनाव में हिस्सा लिया एक आतंकवादी कार्यवाही के बाबजूद 70% लोग मतदान के लिए लम्बी कतारों में वोट देते देखे गये उनमें नई सरकार बनाने का उत्साह था | जम्मू कश्मीर में भाजपा और मुफ़्ती मुहम्मद की मिली जुली सरकार बनी| अलगाव वादी अपनी अलग वैल्यू बनाये हुए बहुमत को भी अनदेखा करते हैं |स्वतंत्र कश्मीर या पकिस्तान समर्थित कश्मीर की बात करते हैं | स्वतन्त्रता दिवस पर कुछ लोगों ने पकिस्तान के झंडे लहराए यहाँ तक आई एस (इस्लामिक स्टेट ) के झंडे भी दिखाई दिए |इस देश मै रहते हैं यहाँ के अन्न से पलते हैं लेकिन पाकिस्तान की तरफ देखते हैं | भारत को पकिस्तान के दूतावास में दावत खाने या इनसे गलबहियां डालने में कोई एतराज नहीं है न सरताज अजीज से मिलने पर एतराज है | अजीज से मिले लेकिन वार्ता खत्म होने के बाद |वह पहले भी वार्ता खत्म होने के बाद पाकिस्तानी वार्ता कारों से मिलते रहे हैं |भारत की प्रजातांत्रिक व्यवस्था का भरपूर लाभ उठाते रहे हैं |
इस लिए जम्मू कश्मीर से आये शब्बीर शाह को नजर बंद कर लिया गया | भारत अपने रुख पर सख्त था |पाकिस्तान में देखने के लिए प्रजातंत है परन्तु सेना के सामने जनता की चुनी हुई सरकार की एक नहीं चलती पाकिस्तान ने कहा है हम शर्तों पर वार्ता में भाग नही लेंगे |वार्ता से पहले हुरियत नेताओ से बात करना हमारा अधिकार है वह कश्मीरियों की भारत के विरोध में उठने वाली आवाज है | दूसरा हमारे एजेंडे में कश्मीर भी था हम उस पर भी बात करेंगे | पकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा भारत हमारे देश में ‘रा’ के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता है | हाल में पंजाब में बम विस्फोट में मरे पंजाब के गृह मंत्री पर हुए आतंकवादी हमला में भारत के सर मढ़ दिया | बिना किसी प्रूफ के पाकिस्तान कुछ भी कह सकता है |सरताज अजीज ने तीन फाईलें यह कह कर अपनी प्रेस कांफ्रेंस में लहराई यह हमने तीन डोजियर तैयार किये हैं जिसे हमने भारत के विदेश मंत्रालय को देना हैं | भारत की विदेश मंत्री सुषमा जी ने जबाब दिया हमारे पास तो जिन्दा आतंकवादी नावेद पकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों का ‘ ज़िंदा उदाहरण’ हैं |सरताज अजीज हुरियत और अलगाव वादियों से वार्ता से पहले मिलने पर अड़े थे भारत ऐसी कोइ नई परिपाटी नहीं डालना चाहता |अजीज जम्मू कश्मीर के मुद्दे को वार्ता का मुख्य विषय मानते हैं , वार्ता में शामिल करने पर अडिग थे उसके अनुसार वह शर्तों पर वार्ता नहीं करेगे |भारत शिमला समझौते और उफ़ा के लिखित स्टेटमेंट के अलावा किसी विषय पर वार्ता के लिए तैयार नहीं था|
सरताज अजीज से बात करने के लिए सुरक्षा सलाहकार अजित दोबाल पूरी तरह तैयार थे | वह आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को प्रूफ सहित घेरने में पूरी तरह समर्थ थे | दोबाल समर्थ कूटनीतिज्ञ हैं सरताज उनसे दबते हैं | यही नहीं आतंकवादी दाऊद के पाकिस्तान में रहने का प्रूफ भी मिल गया उसकी 2012 की फोटो उसकी बीबी के नाम पर टेलीफोन बिल दाऊद के तीन पास पोर्ट जो कराची में बने थे जिससे वह दुबई जाता है |पकिस्तान वार्ता से पीछे हट गया आतंकवाद की खेती करने वाला और क्या कर सकता है |पकिस्तान में जब बच्चा जन्म लेता हैं उसे माँ शब्द से पहले कश्मीर बुलवाया जाता है जब भी कोई समस्या आती है जनता को यह कह कर चुप कराया जाता है चुप रहो हमें कश्मीर चाहिए और कुछ नहीं | शब्बीर शाह अब वापिस जायेंगे | दावत पकिस्तान एम्बेसी ने रद्द कर दी हैं अब सरताज अजीज से उनका गले मिलना नहीं होगा इंतजार करना पड़ेगा कब तक पता नहीं ? पकिस्तान वार्ता से पीछे हट गया |यूँ कहिये बच निकला |भारत के राजनीतिक दल सरकार पर लगातार दबाब डाल रहे थे हमें वार्ता नहीं करनी चाहिए हमारी हेठी होगी | देश में अब बहुमत की सरकार है |पकिस्तान का वार्ता से कदम पीछे हटाना भारत सरकार की पाकिस्तान पर कूटनीतिज्ञ विजय है कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है भारत किसी भी हाल में पाकिस्तान को सोचने भी नहीं देगा वह उस पर अधिकार कर सकता है पाकिस्तान भी जानता है |

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