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मोदी जी की विदेश नीति में चाणक्य नीति की झलक

Posted On: 14 May, 2019 Politics में

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2014 में मोदी जी के नेतृत्व लोकसभा का चुनाव लड़ा जा रहा था आलोचक प्रश्न उठा रहे थे भाजपा की  विदेश नीति क्या है ? सत्ता पर आसीन होने के बाद विदेश नीति विशेषज्ञ उनको विदेश नीति समझाने उनसे मिलने भी आये | मोदी जी ने अपने शपथ गृहण समारोह में सार्क देशों के साथ पाकिस्तानी प्रधान मंत्री नवाज शरीफ को आमंत्रित किया था वह आयें | विदेश नीति विशेषज्ञों की समझ में आने लगा प्रधान मंत्री राजनीतिज्ञ ही नहीं कूटनीतिज्ञ भी हैं |उनकी नीति चाणक्य के अर्थशास्त्र से प्रभावित नजर आई | विदेश मंत्रालय सुषमा स्वराज जी को दिया गया वह अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का अपने चुटीले भाषणों से प्रतिनिधित्व करती रहीं हैं |

विश्व आतंकवाद से त्रस्त है विश्व शक्ति अमेरिका के वर्ड ट्रेड 9/11 का बदला लेने के बाद भी आतंकी घटना को भुला नहीं पाया अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर भयावह आतंकी हमले में 3000 लोगों के संहार की यादें हमले के मास्टर माईंड ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद भी रूह कंपा देती हैं। हम स्वयं आतंकवाद के शिकार रहे हैं भारत की संसद पर आतंकी हमला 26/11 एवं भारत के अनेक शहरों में बम धमाकों की गूँज क्या हम भूल सकें हैं ? मोदी जी ने धीरे –धीरे आतंक वाद की समस्या का अंतर्राष्ट्रीयकरण किया जबकि आतंक वाद को गुड एवं बैड कह कर परिभाषित किया जा रहा था उन्होंने विश्व को आतंकवाद क्या है समझाया आतंकवाद मानवता का दुश्मन है , न गुड है न बैड उन्होंने  पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध विश्व बिरादरी का ध्यान खींचा | विभाजन के बाद से ही भारत की विदेश नीति पाकिस्तान के प्रति सदैव बड़े भाई की रही है जबकि 1947 में कश्मीर पर कबायलियों के भेष में सेना की घुसपैठ ,1965 ,1971 और 1999 करगिल के युद्ध के समय भी भारत द्वारा सिंधू जल संधि को नहीं तोड़ा | पाकिस्तान से व्यापारिक सम्बन्ध भी बने रहे जिसे पाकिस्तान ने भारत की कमजोरी समझता  |

भारत पर मित्र राष्ट्रों का दबाब था ,पाकिस्तान से आपसी झगड़ों को वार्ता द्वारा सुलझाया जाये | मोदी जी ने इस दिशा में पहल कर चाणक्य नीति का पहला नियम ‘साम’ का प्रयोग किया  वह स्वयं पाकिस्तान की चुनी सरकार के प्रधान मंत्री से मिलने रावलपिंडी गये अवसर पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ का जन्म दिन एवं उनकी नातिन का विवाह था वह चाहते थे सीधे नवाज शरीफ से मिल कर उनके रुख को पहचानें क्या वह वार्ता की टेबल पर आपसी समस्याओं को सुलझाना चाहते है ?मोदी जी को अपने इस कदम के कारण विपक्ष द्वारा अनेक व्यंग बाण सहने पड़ते हैं शाकाहारी मोदी जी से विपक्ष पूछता हैं क्या वह पाकिस्तान बिरयानी खाने गये थे? लेकिन विश्व राजनीति में मोदी जी के कदम की प्रशंसा हुई चाणक्य नीति का पहला चैप्टर साम सफल रहा विश्व ने जाना पाकिस्तान की चुनी सरकार केवल मुखौटा है |

18 सितम्बर 2016 जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर पर भारतीय सेना के मुख्यालय पर किये गये आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हुए थे इससे पहले भी पठानकोट पर सेना के कैंप पर आतंकी हमला हुआ था भारत का जन मानस में पाकिस्तान के प्रति रोष था | पुलबमा में पाकिस्तान समर्थित फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हुए पाकिस्तान की कायराना हरकत को बर्दाश्त करना मुश्किल था|

पाकिस्तान के साथ आर्थिक सम्भन्धों को उन्होंने कभी खत्म नहीं किया था अटारी बार्डर से  पाकिस्तान के सामान से भरे ट्रक आते रहते हैं भारत की तरफ से भी सप्लाई जारी रहती थी लेकिन पुलबमा  काण्ड के बाद पाकिस्तान के कान उमेठे गये| भारत की तरफ से पहला हमला व्यापारिक सम्बन्धों पर किया गया पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापिस ले लिया गया दोनों देशों के बीच सड़क मार्ग से 138 वस्तुओं का आयात एवं निर्यात होता है लगभग 2.67 बिलियन डालर का व्यापार ,वर्ड बैंक के अनुसार यह और भी 37 बिलियन डालर तक बढाया जा सकता है पाकिस्तान के व्यापारियों को वह सभी रियायतें मिल रही थीं जो अन्य देशों को मिल रही थीं ‘भारत की उदारता’ लेकिन भारत को पाकिस्तान की तरफ से ऐसा दर्जा नहीं दिया गया है | भारत में पाकिस्तानी कलाकारों द्वारा फिल्मों ,सीरियलों पर काम करने का अक्सर विरोध होता रहता है फिर भी उनका समर्थन करने वालों की कमी नहीं है | आज इमरान सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है|

उरी के कैंप पर पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा किया गया हमला भारत के सम्मान पर चोट थी आपतकालीन बैठकों का दौर चला ऐसे कौन से कदम उठाये जायें जिनसे पाकिस्तान भयभीत हो, एक सुझाव था पाकिस्तान में भारत से जाने वाली नदियों का जल रोका जाए भारत की दरियादिली भारत में प्रश्न उठे लेकिन कभी कदम नहीं उठाया गया | 19 सितंबर 1960 को कराची में सिंधु नदी समझौते पर मिस्टर ब्लैक की मध्यस्ता से  भारत के प्रधानमन्त्री नेहरु और राष्ट्रपति जरनल अयूब खान ने हस्ताक्षर किये | यह जल बटवारा विश्व में सबसे उदार जल बटवारा है| 6 भरी नदियों का पानी लगभग 80.52% पाकिस्तान को दिया जाता रहा है यह बड़े भाई की तरफ से छोटे भाई के लिए दरियादिली थी |नेहरु जी विश्व नेता बनना चाहते थे वह पकिस्तान के प्रति सदैव उदार रहे लेकिन पाकिस्तान को जो मिल जाता है उसे अपना हक मानता है फिर भी रोता रहता है |संसद में नेहरू जी का जम कर  विरोध हुआ नेहरू जी ने विरोध में अपना बचाव करते हुए कहा मैने शान्ति खरीदी है क्या पाकिस्तान बाज आया |  बटवारे में पंजाब की सबसे उत्तम जमीन उनको मिली थी अर्थात वेस्टर्न पंजाब जिसकी जमीन सबसे अधिक उपजाऊ है पाकिस्तान की खेती 80 % भारत द्वारा दिए गये जल पर निर्भर हैं | भारत के हिस्से में आये पंजाब के निवासी किसानों ने बहुत मेहनत कर अपनी कृषि योग्य भूमि को उपजाऊ बनाया | प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने एक वक्तव्य में स्पष्ट शब्दों में कहा खून और पानी साथ –साथ नहीं बह सकते सिंधू जल संधि पर पुनर्विचार की पाकिस्तान को धमकी दी |

यही नहीं पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने कूटनीतिक स्तर पर दुनिया में पाकिस्तान को अलग करने की मुहिम शुरू की क्योंकि कहीं भी आतंकी घटना होती है उसके तार कहीं न कहीं से पाकिस्तान से जुड़े दिखाई देते हैं| भारत की कूटनीति,  पाकिस्तान को अलग थलग किया जा सके विश्व पाकिस्तान को पहचाने भारत के कूटनीतिक प्रयत्नों से सुरक्षा परिषद में अमेरिका ब्रिटेन द्वारा समर्थित फ्रांस द्वारा आतंकवादियों की फंडिंग के रोकथाम का प्रस्ताव पेश किया गया आतंकवाद फंडिंग से चलता है यदि फंडिंग बंद हो जायेगी आतंकवाद पर लगाम लगाना आसान हो जाएगा साथ ही सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने फंडिंग से जुड़े प्रस्तावों को सख्ती से लागू करने, फंडिंग करने वालों की जांच कर उनपर मुकदमें चलाये जायें एवं अपराधिक धारायें लगाने का प्रस्ताव पास हो गया | फंडिंग पर यदि वास्तव में अंकुश लग जायेगा आतंकवाद की रोकथाम में मदद मिलेगी|

मोदी जी के कार्यकाल में फ़्रांस अमेरिका एवं ब्रिटेन ने सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने चार बार वीटो के अधिकार का प्रयोग किया |  अंत में अमेरिका फ्रांस एवं ब्रिटेन ने क्षुब्ध होकर जैश के प्रमुख मसूद अजहर को फिर से अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित कर उसे प्रतिबंधित सूची में डालने को लेकर सुरक्षा परिषद में सीधा प्रस्ताव लाया गया ‘बड़े एवं छोटे सभी राष्ट्रों के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया गया है भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली |

उरी अटैक का बदला- पाकिस्तान पर आर्मी के कमांडों दस्तों द्वारा पीओके में तीन किलोमीटर अंदर जाकर सर्जिकल स्ट्राईक की गयी | पुलबमा के फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तान को उम्मीद नहीं थी भारत उनके क्षेत्र में घुस कर एयर स्ट्राईक करेगा| उसने पहले जैसी सर्जिकल स्ट्राईक के रोकथाम की तैयारी की थी | 26 फरवरी, 2019 को सुबह 3.30 बजे  वायुसेना के 12 मिराज 2000 लडाकू विमानों ने पाक अधिकृत कश्मीर में घुस कर बालाकोट, चकोटी और मुज्जफराबाद में एक हजार किलो के बम गिराए इन हमलों में जैश के आतंकी कैंपों को निशाना बना कर आतंकी ठिकानों को तबाह करने की कोशिश की गयी भारत सरकार ने सुरक्षा बलों को पाकिस्तान के खिलाफ कार्यवाही करने की खुली छूट दी थी बालाकोट कैंप पर की गई कार्रवाई के सबूत सरकार को सौंप दिए अगले दिन पाकिस्तानी विमानों की हलचल भारतीय रेडारों पर देखी गयी तुरंत भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश नाकाम कर दी गयी लेकिन भारतीय मिग -21 पीओके में गिर गया उसके चालक विंग कमांडर अभिनन्दन थे |भारत सरकार ने विंग कमांडर की बिना शर्त सुरक्षित रिहाई की मांग की गयी| पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी की दोपहर को नेशनल असेम्बली से ऐलान किया कि वो भारतीय विंग कमांडर को वापिस भेज देंगे विंग कमांडर बाघा बार्डर से वापिस भेजे गये पाकिस्तान अक्सर एटमी हथियारों की धमकी देता था यह धमकियां भी बंद हो गयी|पाकिस्तान पर मोदी सरकार की चाणक्य नीति द्वारा कूटनीतिक जीत स्पष्ट देखी जा सकती है |

 

 

 

 

 

 

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