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गर्ल्‍स के साथ दुष्‍कर्म पर यूनीसेफ की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 150 लाख लड़कियां यौन हिंसा का शिकार हुईं

Posted On: 25 Nov, 2019 Hindi News में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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दुनिया दिन पर दिन हैवान होती जा रही है। लोगों का दिमाग इतना सड़ चुका है कि वह किशोर लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बना ले रहे हैं। यूनीसेफ की हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं जो आपको असहज कर देंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस यानी 25 नवंबर को यूनीसेफ की जारी रिपोर्ट में किए गए खुलासे बेहद खौफनाक हैं।

 

 

 

 

महिलाओं के साथ दुर्व्‍यहार के मामले बढ़े
यूनाइटेड नेशन वुमेन की ओर से शेयर की गई सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया गया है कि हर साल महिलाओं के साथ दुर्व्‍यहार और किशोर लड़कियों के साथ दुष्‍कर्म के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन्‍हें तत्‍काल रोकने के लिए दुनियाभर के लोगों को आगे आना होगा और पीडि़त महिलाओं और लड़कियों के साथ स्‍टैंड लेना होगा। ताकि उन्‍हें ऐसी मानसकिता रखने वालों का विरोध करने की हिम्‍मत आए।

 

 

 

यूनीसेफ की रिपोर्ट में खुलासा 
यूनीसेफ की ओर से जारी किए गए आंकड़े बेहद खौफनाक हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में 15 मिलियन यानी डेढ़ करोड़ टीनएज गर्ल्‍स के साथ दुष्‍कर्म किया गया है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 15 से 19 साल की टीनएज गर्ल्‍स पर किए गए सर्वे में यह बात पता चली कि उनके साथ जबरदस्‍ती शारीरिक संबंध बनाए गए।

 

 

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150 लाख गर्ल्‍स ने रेप की बात मानी 
यूनीसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में विश्‍व की 150 लाख टीनएज गर्ल्‍स ने माना है कि उनके साथ दुष्‍कर्म किया गया है। रिपोर्ट के यह आंकड़े बेहद ही दर्दनाक हैं। यूनाइटेड नेशन ने इस स्थिति को बेहद शर्मनाक और चिंताजनक बताते हुए पूरी दुनिया से पीडि़ताओं के साथ खड़े होने की अपील की है।

 

 

तीन तरह की हिंसा के मामले बढ़े
यूनाइटेड नेशन वुमेंस के मुताबिक पूरे विश्‍व में महिलाओं के साथ तीन तरह की हिंसा के मामले बढ़े हैं। महिलाओं और गर्ल्‍स को शारीरिक, मानसिक और सेक्‍सुअली प्रताडि़त किया जा रहा है। शारीरिक हिंसा के सबसे ज्‍यादा मामले शादीशुदा महिलाओं के साथ और दुष्‍कर्म के सर्वाधिक मामले टीनएज गर्ल्‍स के साथ हुए हैं। यह बेहद चिंताजनक आंकड़े हैं और इसे हमारे स्‍टैंड लेने पर ही ठीक किया जा सकता है।…Next

 

 

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