blogid : 316 postid : 1387188

इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करते समय ध्‍यान रखें ये 4 जरूरी बातें

Posted On: 26 Feb, 2018 Common Man Issues में

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

Social Issues Blog

970 Posts

830 Comments

इन दिनों हर नौकरी-पेशा शख्‍स अपनी इनकम के हिसाब टैक्‍स का गुणा-गणित करने में जुटा है। लोग अपने टैक्‍स को जानने-समझने के लिए सीए से लेकर अपने सलाहकार तक से संपर्क कर रहे हैं। वहीं, इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने का समय भी आने वाला है। इस दौरान कई जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है। आइये आपको बताते हैं कि आईटीआर फाइल करते समय कौन सी 4 बातें जरूरी हैं, जिन्‍हें आपको जरूर ध्‍यान रखना चाहिए।


ITR


डेडलाइन मिस होने पर न हों परेशान

आमतौर पर लोग इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन क्रॉस हो गई, तो आप आईटीआर नहीं फाइल कर सकते हैं। मगर ऐसा नहीं है। यदि आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई को मिस कर देते हैं, तो भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। साल भर के भीतर आप कभी भी इसे फाइल कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर आप वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के आईटीआर को 31 मार्च, 2019 तक फाइल कर सकते हैं।


TDS


जरूर फाइल करें आईटीआर

इनकम टैक्‍स रिटर्न जरूर फाइल करें। यह बात सही है कि एंप्लॉयर की ओर से किसी भी एम्‍प्‍लॉई की सैलरी पर टीडीएस काट लिया जाता है। साथ ही फॉर्म 16 भी उसकी ओर से जारी किया जाता है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जिम्मेदारी से बच गए। आपको आईटीआर जरूर फाइल करनी चाहिए।


100 rupee


ब्‍याज से अाय पर आईटीआर

सेविंग बैंक अकाउंट्स में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज 10,000 रुपये से अधिक हो जाता है, तो उस पर टैक्स देना पड़ता है। ऐसा कई लोगों के साथ होता है, जो 10,000 से अधिक का ब्‍याज पाते हैं। वहीं, यदि यह आय 10,000 रुपये से कम होती है, तो इसे आप इनकम टैक्स रिटर्न में फाइल कर सकते हैं। यदि आप सीनियर सिटिजन हैं, तो वित्‍तीय वर्ष 2018-19 से ब्याज से मिलने वाली 50,000 रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।


home


किराये पर 5 परसेंट टीडीएस

अगर आप हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आप पर 5 पर्सेंट टीडीएस लगेगा। बता दें कि अगर किसी व्यक्ति को कोई आय होती है, तो उस आय से टैक्स काटकर अगर व्यक्ति को बाकी रकम दी जाये, तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम को टीडीएस कहते हैं। सरकार टीडीएस के जरिये टैक्स जुटाती है। टीडीएस विभिन्न तरह के आय स्रोतों पर काटा जाता है, मसलन सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि पर…Next


Read More:

भारतीय टीम के वो 5 क्रिकेटर, जिन्‍होंने सालों बाद वापसी कर चौंकाया!

श्रीदेवी ने बिग बी के बराबर मांगी थी फीस, वैनिटी वैन बनवाने वाली थीं पहली हीरोइन

TV के वो 5 दमदार महिला किरदार, जो आज भी हैं यादगार

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग