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13 साल का बच्चा 150 से ज्यादा गांवों का टीचर, सरकार ने दिया खास खिताब

Posted On: 10 Feb, 2018 Common Man Issues में

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जब कोई व्यक्ति किसी काम को करने की ठान लेता है तो उम्र, रंग, देश, भाषा जैसी तमाम रुकावटें नजर नहीं आती हैं। आज हम आपको ऐसे बच्चे की बात बताने जा रहे हैं जिसकी उम्र अभी मात्र 13 है लेकिन सपने और काम उनकी उम्र से कहीं गुना आगे है। हम आपको ऐसे बच्चे की बात बताने वाले हैं जो इतनी छोटी सी उम्र में गरीब बच्चों के लिए कुछ ऐसा काम करता है जिसे सुनकर आपको भी नहीं होगा यकीन की कोई इतना छोटा बच्चा ये काम कैसे कर सकता है।


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बच्चों को 9 साल की उम्र से पढ़ा रहा है आनंद

13 वर्ष का आनंद कृष्णा है अभी 9वीं कक्षा में पढ़ता है और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहता है। लेकिन इससे कहीं बड़ी बात यह है कि, वह 9 साल की उम्र से ही गांव में रहने वाले गरीब बच्चों को शिक्षा दे रहा है. वह गांव-गांव जाकर ‘बाल चौपाल’ लगता है और स्कूल ना जाने वाले बच्चों को पढ़ाता है।


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बच्चों को साइबर वर्ल्ड की भी जानकारी देते हैं

आनंद का कहना है कि वह नहीं चाहता कि, कोई बच्चा होटल में या कहीं और भी बाल मजदूरी करे इसलिए वो हर बच्चे को आत्म-निर्भर बनाना चाहता है। आनंद बच्चों को साइबर वर्ल्ड की भी जानकारी देता है जिसमें वह इंटरनेट का पढ़ाई में महत्व बताता है।


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कैसे शुरु हुआ ये नेक काम

आनंद का कहना है कुछ वर्ष पहले उसने एक बच्चे को मोमबत्ती की रोशनी में पढाई करते देखा, जो संस्कृत और मराठी दोनों जानता था। इसके बाद आनंद के मन में विचार आया कि ऐसे कितने की प्रतिभावान बच्चे होंगे जिनके पास अवसर का अभाव होगा। आनंद ने अपने पिता से सलाह की और चौपाल लगानी शुरु कर दी।


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स्कूल खोलना चाहता है आंनद

बाल चौपाल की आनंद ने लखनऊ से 12 किलोमीटर दूर काकोरी के भवानी खेड़ा गांव से की थी बाद और भी गांव में चौपाल लगाकर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। अक्सर घर वाले लड़कियों को दूर दराज के स्कूल में नहीं भेजते इसलिए आनंद उनके लिए एक स्कूल खोलना चाहता है, इसके लिए वह राज्यपाल को चिट्ठी भी लिख चुके हैं।

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शहजादे अवध का खिताब भी जीत चुके हैं

आनंद 2013 लखनऊ महोत्सव में शहजादे अवध का खिताब भी जीत चुका है। आनंद चाहता है कि वो आईएएस अफसर बनकर गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देना चाहते हैं। इसके साथ ही वो दूर के गांवों में स्कूल खोलना चाहते हैं जहां पर किसी को शिक्षा मिले। इतना नहीं आनंद अपनी चौपाल में लोगों को शिक्षा के अलवा योगा और फिटनेस के मंत्र भी देते हैं।…Next



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