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दिल्ली में पसरी स्मॉग की चादर, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बचाव के लिए दिए हैं ये निर्देश

Posted On: 1 Nov, 2018 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

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दिवाली के बाद पर्यावरण में सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है लेकिन पिछले कुछ सालों से दिल्ली और एनसीआर में दिवाली से कुछ दिनों पहले भी ऐसी स्थिति रहती है, जिससे सेहत पर खतरा मंडराने लगता है। दिल्ली-NCR में जहरीली हवा पर सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की 10 दिन की चेतावनी का आज पहला दिन है। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में हवा की सेहत बिगड़ी हुई नजर भी आई।

 

 

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने प्रदूषण से बचने के लिए दिए हैं निर्देश
बोर्ड ने चेतावनी देते हुए बताया था कि राजधानी दिल्ली में दिवाली के पहले और उसके बाद हवा काफी जहरीली हो सकती है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB)के नेतृत्व वाले टास्क फोर्स ने कहा था कि राजधानी में हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषण बढ़ सकता है। ऐसे में नवंबर के पहले 10 दिनों तक यहां के निवासियों को वॉकिंग और जॉगिंग से दूर रहना चाहिए।

 

 

 

बोर्ड ने पलूशन को देखते हुए 1 से 10 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह की कंस्ट्रक्शन ऐक्टिविटी पर पहले ही रोक लगा दी है। 4 से 10 नवंबर तक कोल और बॉयोगैस से चलने वाली सभी इंडस्ट्री को बंद रखने का सुझाव भी दिया गया है। 1 से 10 नवंबर तक प्रदूषण फैला रही गाड़ियों पर कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

निर्देशों के अलावा आयुर्वेदिक चीजें कर सकती हैं बचाव
विटामिन सी पानी में घुलनशील होने के कारण शरीर के लिए सबसे शक्तिशाली एंटी-ऑक्सिडेंट माना जाता है। इसलिए गोभी, शल्जम , धनिया के पत्ते, आंवला, अमरूद, नींबू का रस आदि लेते रहना चाहिए।

 

 

इसके अलावा वसा में घुलनशील विटामिन-ई हमारे उतकों को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इसका प्रमुख खाना बनाने में उपयोग किए जाने वाले तेल जैसे कि सूरजमुखी आदि शामिल हैं। इसके अलावा ये जैतून के तेल में भी मौजूद होता है। इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और वहीं सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए गुड और सुबह गर्म पानी का सेवन करना चाहिए…Next

 

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