blogid : 316 postid : 1392940

लॉकडाउन न होता तो देश में मच जाता कहर, लाखों में होती कोरोना मरीजों और मौतों की संख्या

Posted On: 22 May, 2020 Common Man Issues में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

Social Issues Blog

1145 Posts

830 Comments

 

पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बनकर उभरा कोरोना वायरस सबसे ताकतवर देशों की कमर तोड़ रहा है। वायरस ने भारत में भी तबाही मचा रखी है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार अगर देश में लॉकडाउन लागू न होता तो मरीजों की संख्या कई लाख तक बढ़ जाती।

 

 

 

 

 

25 मार्च से लागू है लॉकडाउन
कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च में देश में लॉकडाउन की घोषणा करते हुए लोगों को घरों में रहने की अपील की थी। तब से लॉकडाउन के चार चरण लागू हो चुके हैं। अभी चौथा चरण चल रहा है और इसमें कई तरह की छूट भी दी गई है।

 

 

 

 

छूट मिलते ही बढ़ने लगे मामले
तमाम प्रयासों के बावजूद हर दिन कोरोना मरीजों की संख्या भारत में बढ़ती जा रही है। 22 मई को नए पॉजिटिव मरीज मिलने के सभी पिछले रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में 6088 नए केस सामने आए हैं। यह संख्या हर रोज से कहीं ज्यादा है। पिछले सप्ताह तक यह संख्या हर दिन 3 हजार के करीब थी अब रोजाना 6 हजार पार कर गई है।

 

 

 

 

 

लॉकडाउन न होता तो भयानक होते परिणाम
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा है कि अगर देश में लॉकडाउन लागू न किया जाता तो हालात और भी भयानक हो सकते थे। वर्तमान में बढ़ रहे मरीजों की संख्या भी इस बात पर बल देती नजर आती है। क्योंकि हाल के दिनों में लॉकडाउन नियमों में काफी ढील दी गई है।

 

 

 

 

अब तक बढ़ सकते थे 70 लाख तक मामले
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा है कि बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के मुताबिक अगर लॉकडाउन नहीं होता तो कोरोना वायरस के 36 लाख से 70 लाख तक मामले हो सकते थे। बता दें कि देश में मार्च से ही लॉकडाउन लागू कर दिया गया था।

 

 

एम्पावर्ड ग्रुप 1 के अध्यक्ष डॉक्टर वीके पॉल

 

70 हजार हो सकती थीं मौतें
एम्पावर्ड ग्रुप 1 के अध्यक्ष डॉक्टर वीके पॉल ने एएनआई को बताया कि कई मॉडल से ये बात सामने आ रही है कि कोरोना वायरस से 37000 से 78000 मौतें हो सकती थीं। 14-29 लाख मामले हो सकते थे। लाखों मामले नहीं फैले क्योंकि हमने फैसला किया कि हम घर की लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करेंगे।

 

 

 

लॉकडाउन का 59वां दिन और चौथा चरण
22 मई को लॉकडाउन का 59वां दिन चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस चौथे चरण में ही सामने आ रहे हैं। इसके पीछे लोगों को आवाजाही की मिली छूट भी वजह मानी जा सकती है। वहीं, लोगों को सहूलियत देने के इरादे से बाजार और दुकानों को खोलने की अनुमति शर्तों के साथ दी गई है।..NEXT

 

 

 

Read More:

दुनिया के 12 देशों की सीमा लांघ नहीं पाया कोरोना, अब तक नहीं मिला एक भी मरीज

कोरोना से पहले इन दो वायरस ने मचाई थी तबाही, मरे थे हजारों लोग

लॉकडाउन में ट्रेन से सफर करने वाले यात्री ध्यान दें, इन नियमों को पढ़ें फिर सफर करें

अमेरिका ने बना ली कोरोना की दवा, जापान ने दी इस्तेमाल की मंजूरी

 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग