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प्रदूषण में प्लास्टिक भी कम जिम्मेदार नहीं, इन 4 तरीकों से प्लास्टिक संकट कम करने की जा रही है कोशिश

Posted On: 15 Nov, 2018 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

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बचपन में हम सभी ने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में पढ़ा होगा। प्लास्टिक पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कई प्रयास तो किए, लेकिन प्लास्टिक अभी पूरी तरह से बैन नहीं हुई है। पिछले कुछ दशकों में प्रदूषण का स्तर काफी बड़ा है, जिसकी कई वजहों में से प्लास्टिक भी एक अहम वजह रही है। आइए, जानते हैं उन 5 तरीकों के बारे में जिससे प्लास्टिक संकट को काफी हद तक कम करने की कोशिश हो रही है।

 

 

 

 

प्लास्टिक के तोड़ की उम्मीद
प्लास्टिक की सबसे बड़ी चुनौती होती है कि ये नष्ट नहीं होता या गलता नहीं है। यही वजह है कि आज ये हमारे शरीर के भीतर तक जगह बना चुका है। ऐसे ज़रिए तलाश किए जा रहे हैं जिससे प्लास्टिक को क़ुदरती तौर पर गलाया जा सके।  पाकिस्तान की क़ायद-ए-आज़म यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजिस्ट ने इस फफूंद में ऐसे गुण पाए हैं, जो प्लास्टिक को गला सकते हैं। एस्परजिलस ट्यूबिनजेनसिस से पॉलीयूरेथेन को गलाया जा सकता है।

 

प्लास्टिक गलाने वाला मशरूम

एस्परजिलस ट्यूबिनजेनसिस एक गहरे रंग का चकत्तेदार कुकुरमुत्ता (मशरूम) होता है। ये गर्म माहौल में खूब पनपता है। ऊपर से देखने में इसमें कुछ खास नहीं है। लेकिन, इसकी एक खूबी हमें प्लास्टिक के राक्षस से लड़ने में मदद कर सकती है।

 

 

 

समुद्र की सफाई 

प्रशांत महासागर में ‘द ग्रेट पैसिफ़िक गार्बेज पैच’ समुद्र में कचरे का सबसे बड़ा ठिकाना है। यहां पर 80 हजार टन से भी ज़्यादा प्लास्टिक जमा हो गया है। ये कचरा फ्रांस के बराबर इलाके में कैलिफोर्निया और हवाई द्वीपों के बीच फैला हुआ है। नीदरलैंड के 24 बरस के इंजीनियर बॉयन स्लैट की अगुवाई में इस कचरे को साफ़ करने का अभियान छेड़ा गया है। इसे सिस्टम 001 नाम दिया गया है। ये कचरा जमा करने वाली 600 मीटर लंबी, तैरती हुई मशीन है। जो तीन मीटर की गहराई तक से कचरा जमा करती है। इस जमा कचरे को हर महीने एक जहाज़ में लाद कर हटाया जाएगा। बॉयन स्लैट की इस परियोजना की तारीफ़ भी हो रही है, और विरोध भी।

 

 

 

प्लास्टिक की सड़कें
नीदरलैंड में ही प्लास्टिक से निपटने का एक और नुस्खा आज़माया जा रहा है। यहां प्लास्टिक से सड़कें बनाई जा रही हैं। डच शहरों ज़्वोले में साइकिल चलाने के लिए प्लास्टिक से सड़कें बनाई जा रही हैं। इस सड़क बनाने में प्लास्टिक की बोतलों, कपों और पैकेजिंग के दूसरे सामान इस्तेमाल हो रहे हैं। इस वक़्त सड़क को बनाने में लगे कुल सामान का 70 फ़ीसद हिस्सा प्लास्टिक है। लेकिन, आगे चल कर पूरी तरह प्लास्टिक से ही सड़कें बनाने का इरादा है।

 

 

 

समुद्री खरपतवार का इस्तेमाल
प्लास्टिक के खिलाफ जंग लड़ने के लिए इंजीनियर और डिजाइनर दूसरे तत्वों के विकल्प आजमा रहे हैं, जिनमें खाने-पीने के सामान को पैक किया जा सके। ऐसे बायोप्लास्टिक को फिर से इस्तेमाल हो सकने वाली क़ुदरती चीज़ों से बनाया जा रहा है। जैसे कि वनस्पति तेल, कसावा स्टार्च और लकड़ियों की छाल…Next

 

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