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नई रिसर्च: कोरोना से बचने के लिए ऐसा होना चाहिए मास्क, सही डिस्टेंस के बारे में भी जान लीजिए

Posted On: 29 Jun, 2020 Common Man Issues में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिन पहले ही लोगों से अपील की है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग ही महामारी से बचने का सर्वोत्तम उपाय है। ऐसे में लोगों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सा मास्क वायरस के संक्रमण से बचाने में कारगर है। 44 स्टडीज में पाया गया है कि डिस्टेंस के मानक और मास्क की क्वालिटी को लेकर लोग अनजान हैं। आइये जानते हैं कौन सा मास्क और कितनी दूरी होनी चाहिए।

 

 

 

 

फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग कारगर
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार द लैंसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक कोरोना से बचाव के तरीकों पर लंबे समय से वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। रिसर्चर्स ने दावा किया है कि फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना को फैलने से रोकने में कारगर तो है लेकिन इसके लिए सही डिस्टेंस और मास्क का इस्तेमाल होना जरूरी है।

 

 

 

 

वायरस रोकने में सक्षम टाइट फिटिंग N95 मास्क
शोधकर्ताओं के मुताबिक सिंगल लेयर के मास्क कोरोना वायरस को रोकने में पूरी तरह से सक्षम नहीं हैं। रिसर्चर्स ने दावा किया है कि सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल कोरोना वायरस को रोकने में ज्यादा कारगर है जबकि, टाइट फिटिंग N95 मास्क सर्वोत्तम परिणाम देता है। रिसर्चर्स मानते हैं कि धीरे धीरे वायरस की क्षमता बढ़ती जा रही है ऐसे में नॉर्मल मास्क की जगह टाइट फिटिंग N95 मास्क का इस्तेमाल ही बेहतर है।

 

 

 

 

एक मीटर नहीं दो मीटर की डिस्टेंस जरूरी
रिसर्चर्स ने लोगों के बीच डिस्टेंस के बारे में भी बताते हैं कहा है कि सिर्फ एक मीटर की दूरी से कोरोना के संक्रमण को रोकने में सफलता हासिल नहीं होगी। इसके लिए दो लोगों के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी आवश्यक है। फेस मास्क और सही डिस्टेंस नहीं होने के कारण कोरोना लगातार बढ़ता जा रहा है।

 

 

 

 

44 शोध में हुआ खुलासा
कनाडा की मैकमास्टार यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉक्टर डेरेकचू के मुताबिक 44 शोध में यह बात सामने आ चुकी है। डॉक्टर डेरेकचू मेडिकल जर्नल में प्रकाशित स्टडी के सह लेखक भी हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक ग्लास का ट्रांसपैरेंट हेलमेट पहनने से वायरस से संक्रमित होने का खतरा और भी कम जाता है।

 

 

 

पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जून को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोज़गार अभियान की वीडियो कांफ्रेंस में कहा था कि कोरोना महामारी दुनिया के लिए बड़ा संकट बन चुकी है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि जब तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए हर किसी को इसे इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वह सही मास्क और उचित दूरी का पालन अवश्य करें और खुद को महामरी के संक्रमण से बचाएं।..NEXT

 

 

 

 

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