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कहीं फ्रॉड तो नहीं आपके मोबाइल पर आया ‘ओटीपी’ नम्बर, ऐसे करें अपनी ऑनलाइन पेमेंट सिक्योर

Posted On: 16 Oct, 2018 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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डिजिटल युग में ज्यादातर काम मोबाइल से ही हो जाते हैं। आपको ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या ट्रांजेक्शन झट से मोबाइल से पेमेंट हो जाती है। लेकिन इसके साथ आपको कुछ बातों का ध्यान भी रखना चाहिए, जैसे अगर आप इंटरनेट बैकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो आपको जांच लेना चाहिए कि मोबाइल पर आया ओटीपी नम्बर बैंक की ओर से भेजा गया है या फ्रॉड की ओर से।

 

 

ऐसे हो रहा है ओटीपी फ्रॉड को
ओटीपी फ्रॉड के लिए बैंकों में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलवाने का चलन बढ़ रहा है। धोखाधड़ी का दूसरा तरीका यह अपना रहे हैं कि वे मोबाइल ऑपरेटर के पास फर्जी आईडी प्रूफ जमा करके ड्युप्लिकेट सिम ले लेते हैं। मोबाइल ऑपरेटर नया सिम जारी करते ही पुराने सिम को डीऐक्टिवट कर देता है। इस तरह, अपराधी फिर से डुप्लीकेट सिम पर ओटीपी मंगाकर अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं।

 

दिल्ली में सामने आया ओटीपी फ्रॉड का मामला
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त को दो लोग बैंक आए और उनमें एक ने खुद को किसी दूसरे के बैंक अकाउंट को अपना खाताधारक बता दिया। उसने उस खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलने का आग्रह किया और इसके लिए जरूरी फॉर्म भर दिया।
जैसे ही उसका दिया मोबाइल नंबर रजिस्टर हुआ, उसने अपने मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए उस खाते से पैसे निकाल लिए। उसने 11.50 लाख रुपये में कुछ रकम द्वारका के एक बैंक में छह अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी और कुछ पैसे एटीएम और चेक से निकाल ली। उसके बाद ओटीपी पाने के लिए जिस नए नंबर का इस्तेमाल किया गया, उसे स्विच ऑफ कर दिया गया।

 

 

ऐसे रहें सावधान

ओटीपी नम्बर वाले मैसेज को ध्यान से पढ़कर सुनिश्चित करें कि मैसेज बैंक से आया है या किसी दिखने में थोड़ा अलग है। बैंक कभी किसी मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल करके आपको ओटीपी नम्बर नहीं भेजता।
ऑनलाइन पेमेंट के वक्त बाकी टैब बन्द कर दें, जिसे आपका डाटा दूसरी वेबसाइट तक न पहुंचे।
फेसबुक में आपकी हिस्ट्री रिकॉर्ड होती रहती है, अगर आपका अकाउंट खुला है। बेशक से आप दूसरे टैब या विंडो में काम कर रहे हो। इसलिए फेसबुक को लॉगआउट करके ही काम करें।
New incognito tab ओपन करके ही इंटरनेट बैंकिंग लॉग इन करें, इसमें आपकी हिस्ट्री और कैचे फाइल नहीं रिकॉर्ड होती।
डबल ओटीपी वेरिफिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करें।
बैंक में मोबाइल नम्बर बदलने या फोन खो जाने पर जरूर अपडेट करें।
हर ट्रांजेक्शन पर मैसेज आता है लेकिन अगर आपको किसी वजह से मैसेज नहीं मिल रहे हैं, तो आप अपने बैंक से संपर्क करें।
मोबाइल पर किसी को ओटीपी नम्बर भेजने से बचें…Next

 

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