blogid : 316 postid : 1391895

इस देश में अचानक गांजा की खपत बढ़ी, सबसे ज्‍यादा खरीद रहे बुजुर्ग

Posted On: 22 Mar, 2020 Hindi News में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

Social Issues Blog

1208 Posts

830 Comments

दुनियाभर में मारीजुआना यानी गांजा का नशा करने वालों की कमी नहीं है। गांजा की सही मात्रा का सेवन कई बीमारियों को ठीक करने के लिए भी जाना जाता है। लेकिन, इसकी ज्‍यादा मात्रा किसी को भी मदहोश कर सकती है। अमेरिकी रिसर्च में खुलासा हुआ है कि पिछले कुछ सालों में अचानक गांजा की खपत बढ़ गई है। यहां के बुजुर्गों में गांजा खरीदने का नशा चढ़ गया है।

 

 

 

 

औषधीय गुणों से भरपूर
कैनाबिस सैटिवा नाम के पौधे की पत्तियों से बनने वाला मादक पदार्थ मारीजुआना यानी गांजा मदहोश करने वाली ताकत रखता है। इसके कई औषधीय गुणों के चलते इसे चिकित्‍सक सही मात्रा में उपयोग कर मनोरोगियों के इलाज में इस्‍तेमाल करते हैं। चिकित्‍सकीय स्‍टडीज में दावा किया गया है कि कैनाबिस सैटिवा पौधे की पत्तियों के सही इस्‍तेमाल से पाचनतंत्र की बीमारियों को खत्‍म किया जा सकता है।

 

 

 

 

अतिरिक्‍त इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध
तमाम औषधीय गुणों के बावजूद मादक पदार्थ की श्रेणी में आने वाला यह कैनाबिस सैटिवा पौधे की खेती सरकारी अनुमति के बाद कई देशों में की जाती है। जबकि कई इलाकों में इसकी अवैध पैदावार के भी दावे किए जाते रहे हैं। अफ्रीकी देशों में बड़ी मात्रा में गांजा के पौधे की अवैध खेती और व्‍यापार के मामले भी सामने आ चुके हैं। वर्तमान में अमेरिका समेत कई देशों में मारीजुआना की सही मात्रा का सेवन करना प्रतिबंधित नहीं है।

 

 

 

 

 

अमेरिकी रिपोर्ट में चौकाने वाले खुलासे
अमेरिकन मेडिकल जर्नल में प्रकाशित ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में मारीजुआना की खपत अचानक तेजी से बढ़ गई है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि मारीजुआना का सेवन करने वाले लोगों में बुर्जुग की संख्‍या चौंकाने वाली है। मारीजुआना के सेवन के आदी हो चुके बुजुर्गों की उम्र लगभग 65 के पार है। ऐसे बुजुर्गों के 2006, 2015 और 2018 के आंकड़े जारी किए गए हैं।

 

 

 

 

अमेरिकी बुजुर्गों गांजा पीने में सबसे आगे
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2006 में मारीजुआना का सेवन करने वाले बुजुर्ग सिर्फ 0.4 फीसदी थे जो 2015 में जबरदस्‍त तरीके से बढ़कर 2.4 फीसदी हो गए। 2018 की स्‍टडी रिपोर्ट के अनुसार इस संख्‍या में पिछले वर्षों की अपेक्षा जबरदस्‍त इजाफा देखने को मिला और यह पिछले की तुलना में डबल हो गया। 2018 में 4.2 फीसदी बुजुर्ग मारीजुआना को सेवन करते पाए गए।

 

 

 

 

दर्द से छुटकारा और नींद पाने के लिए बने लती
रिपोर्ट के मुताबिक ज्‍यादातर बुजुर्ग मारीजुआना का सेवन अच्‍छी नींद हासिल करने के लिए सोने से पहले करते हैं। वहीं, बड़ी संख्‍या में ऐसे बुजुर्ग भी पाए गए जिन्‍होंने दर्द में आराम पाने के लिए ने मारीजुआना का सेवन और धीरे धीरे वह अनजाने में इसके लती बन गए। इन बुजुर्गों ने मारीजुआना का सेवन धुएं के रूप में तो किया ही इसे खाद्य पदार्थों के साथ भी सेवन किया। बुजुर्गों में बढ़ती मारीजुआना की मांग को लेकर चिकित्‍सकों ने उनके स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर गहरी चिंता जताई है।…NEXT

 

 

 

Read More:

Coronavirus: चीन ने अब 6 दिन में बना दी मास्‍क फैक्‍ट्री, पहले 8 दिन में बनाया था अस्‍पताल

3 हजार साल पुरानी दवा से ठीक हो रहा कोरोना वायरस, चीन का खुलासा

कोरोना वायरस : हेल्‍पलाइन नंबर पर तकलीफ बताइये तुरंत आएगी मेडिकल टीम

पता ही नहीं चलती बीमारी और छटपटा कर मर जाता है शिकार, जानिए क्‍या है कोरोना वायरस

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग