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4 मिनट से ज्यादा न लगाएं कानों में हेडफोन, 12 से 35 की उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा

Posted On: 15 Feb, 2019 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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आप किसी के कानों में कोई बात कहना चाहो, तो कह नहीं पाओगे क्योंकि ज्यादातर लोगों के कानों में हेडफोन का पहरा है लगा हुआ है। मेट्रो, बस, ट्रेन, कॉलेज, ऑफिस और यहां तक की घर जाते वक्त भी हेडफोन लगाकर बात करना या गाने सुनना हमारी आदत में शुमार हो चुका है। ऐसे में बिना हेडफोन के दिन बिताना कुछ लोगों के लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है लेकिन आपको बता दें कि 4 मिनट से ज्यादा हेडफोन लगाकर गाने सुनना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। यूनाइटेड नेशन्स की एजेंसियों की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि स्मार्टफोन में म्यूजिक सुनने और लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने की वजह से दुनियाभर के करीब 1 अरब से ज्यादा लोगों पर बहरेपन का खतरा है। इस समस्या को खत्म करने के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की गई है।

 

 

12 से 35 वर्ष के लोगों को ज्यादा खतरा
यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों को इस भयानक बीमारी का खतरा है, उनकी उम्र 12 से 35 वर्ष के बीच है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन WHO ने बताया कि हियरिंग लॉस की समस्या के चलते दुनियाभर में 750 मिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है। WHO के तकनीकी अधिकारी के अनुसार दुनियाभर के एक अरब से ज्यादा युवाओं को स्मार्टफोन पर तेज गाना सुनने में मजा आता है। वे इसके लिए इयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इससे वह बहरेपन का शिकार हो सकते हैं या उनकी सुनने की ताकत कम हो सकती है।

 

 

फोन में वॉल्यूम कंट्रोल यूज करें
हम सभी के स्मार्टफोन में एक साउंड कंट्रोलिंग सिस्टम होता है, जो आपको बताता है कि आपको कितनी साउंड मिल रही है और आप साउंड लिमिट से ऊपर जा रहे हैं या नहीं। ऐसे में अगर बहरेपन का शिकार होने से बचना है तो स्मार्टफोन में दी गई उस गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करें। इसके अलावा आप बहरेपन का शिकार होने से बचने के लिए ऐसी डिवाइस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें ऑटोमैटिक वॉल्यूम कंट्रोल हो। कान में तेज आवाज होने पर आवाज अपने आप कम हो जाए…Next

 

 

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