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अब दिल्‍लीवाले होंगे टेंशन फ्री, यमुना में अमोनिया बढ़ने पर भी मिलेगा पानी!

Posted On: 3 Feb, 2018 Common Man Issues में

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यमुना में बार-बार अमोनिया की मात्रा बढ़ने के चलते राजधानी में आने वाले पानी के संकट को दूर करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने एक प्लान तैयार किया है। बोर्ड को इस संकट का समाधान दिल्ली नहीं, बल्कि हरियाणा में मिला। यानी अब दिल्‍लीवाले पानी की समस्‍या को लेकर टेंशन फ्री हो जाएंगे और यमुना में अमोनिया बढ़ने पर भी पानी मिलता रहेगा। यमुना में अमोनिया के बढ़ते स्तर से निपटने के लिए डीजेबी (दिल्ली जल बोर्ड) ने बोर्ड मीटिंग में दो अहम निर्णय लिए। आइये आपको बताते हैं कि किस तरह इस समस्‍या से निपटेगा दिल्‍ली जल बोर्ड।


water


प्रस्‍ताव को अरविंद केजरीवाल ने दी मंजूरी

अमोनिया के चलते दिल्ली में पिछले दो महीने में कई बार पानी की सप्लाई प्रभावित हो चुकी है। जल बोर्ड की बैठक में अमोनिया के चलते खड़ी होने वाली समस्या पर प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें दो सुझाव बताए गए। एक सुझाव में बताया कि हरियाणा के सोनीपत में ड्रेन नंबर 6 और 8 के बीच पीयू मनियारी में दीवार बनाई जाएगी। इससे दिल्ली आने वाले इंडस्ट्रियल वेस्ट को यहीं रोका जाएगा, ताकि यह दिल्ली में एंट्री न कर सके और यमुना प्रदूषित न हो। इसके साथ ही बोर्ड ने 2400 एमएम की नई पाइप लाइन डालने का दूसरा प्रस्ताव भी दिया। इस पाइप लाइन के जरिये यमुना से अलग कच्चा पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक जाएगा। इससे आपात स्थिति में लोगों को पानी मिल सकेगा और अमोनिया की समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा और भी कई प्रस्ताव बोर्ड मीटिंग में पास किए गए हैं।


water crisis
प्रतीकात्‍मक फोटो


80 परसेंट दिल्ली में पानी की समस्या

इस समय 80 परसेंट दिल्ली में पानी की समस्या है। 910 एमजीडी की जगह दिल्ली को सिर्फ 800 एमजीडी के करीब ही पानी सप्लाई हो रही है। कुछ इलाकों में पानी की ऑड-ईवन व्यवस्था भी लागू की गई है। मीटिंग में द्वारका के लोगों पर लगाए गए अतिरिक्त सीवर चार्ज को वेव ऑफ करने को भी मंजूरी दी गई। 2015 में डीजेबी से पूर्व पानी की सप्लाई डीडीए के टैंकरों से होती थी। सोसायटियों ने पानी की जरूरत के लिए बोरवेल करवा लिए थे, इस वजह से 100 रुपये प्रति फ्लैट सीवर चार्ज लगाया जा रहा था। यहां पानी की पर्याप्त सप्लाई के लिए द्वारका वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और पप्पनकला वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर वॉटर बॉडी बनाई जाएंगी। इस पर 56.54 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


delhi jal board


ये अहम निर्णय भी हुए

इसके अलावा बैठक में निर्णय हुआ कि बिजवासन गांव में 9.1 एमएल और रजोकरी में 5.8 एमएल क्षमता का यूजीआर (अंडर ग्राउंड रिजरवायर)/बूस्टर पंप बनेगा। बोर्ड ने 200 सीवर क्लीनिंग मशीनों के लिए भी मंजूरी दी है। इन मशीनों के आने के बाद छोटी गलियों में सीवर की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (RWH) पेनल्टी की डेटलाइन बढ़ाकर लोगों को राहत दी गई है। रिहायशी इलाकों में अब इस डेटलाइन को 30 जून 2018 तक बढ़ा दिया गया है। सीवर और वॉटर डेवेलपमेंट चार्ज के कम रेट को जारी रखने का फैसला लिया गया है। अनऑथराइज्ड और रेगुलराइज्ड कॉलोनियों में कम रेट की स्कीम 31 मार्च 2018 तक बढ़ा दी गई है। सीवरेज मास्टर प्लान 2031 के तहत दिल्ली के सीवर रहित इलाकों में सीवर सुविधा देने के लिए बोर्ड ने डीसेंट्रलाइज्ड वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लान को बनाने के प्रपोजल को बिल्ट ऐंड ऑपरेट बेस पर मंजूरी दी है…Next


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