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दुनिया का हर सातवां आदमी विकलांग, सेहत से खिलवाड़ किया तो अगला नंबर आपका

Posted On: 3 Dec, 2019 Common Man Issues में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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दुनियाभर में लगातार बढ़ रही आबादी और सेहत से खिलवाड़ कर रहे लोग धीरे धीरे विकलांग होते जा रहे हैं। दुनिया का हर सातवां व्‍यक्ति किसी न किसी रूप से विकलांग है। इनमें से आधे लोगों के पास इलाज और उपकरण हासिल करने के लिए रुपये तक नहीं हैं। वैश्विक रिपोर्ट के इस खुलासे से समूची दुनिया चिंतित हो गई है।

 

 

 

 

 

15 फीसदी आबादी विकलांग
वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य संगठन डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) की ताजा रिपोर्ट में हुए खुलासे से पता चला है कि लोग धीरे धीरे सेहत के प्रति इतने आलसी और केयरलेस होते जा रहे हैं कि वह किसी न किसी रूप से विकलांग हो रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर की 15 फीसदी आबादी विकलांग हो चुकी है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

15 साल से अधिक उम्र वाले विकलांग ज्‍यादा
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अरब से ज्‍यादा लोग विकलांग हो चुके हैं जो कि दुनियाभर की आबादी का 15 प्रतिशत है। बताया गया कि दुनिया का हर सातवां व्‍यक्ति हाथ, पैर, आंख, नाक, कान या किसी अन्‍य क्षमता को खो चुका है। इन विकलांग लोगों में ज्‍यादातर संख्‍या 15 साल से अधिक उम्र वाले व्‍यक्तियों की है। इसका मतलब है कि वह जन्‍म से विकलांग नहीं थे बल्कि वह अपनी लापरवाही या फिर किसी दुर्घटना का शिकार होकर अपंग हो गए।

 

 

 

 

 

ह्वीलचेयर और कान की मशीन तक उपलब्‍ध नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 7 करोड़ लोगों को ह्वीलचेयर की जरूरत है, लेकिन यह उपलब्‍ध तकरीबन 1 करोड़ लोगों को ही है। इसी तरह 36 करोड़ विकलांग ऐसे हैं जो कम सुनाई देने की समस्‍या से जूझ रहे हैं। इनमें 10 फीसदी ऐसे लोग हैं जिन्‍हें सुनने की क्षमता विकसित करने वाले उपकरणों की जरूरत है।

 

 

 

Infographic entitled “Better health for people with disabilities,” showing various statistics about disability and health.

 

 

 

भारत के कई राज्‍यों में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं खराब
15 फीसदी विकलांग आबादी में से आधी आबादी के पास अपनी अक्षमता को दूर करने के लिए इलाज की खातिर या तो पैसे नहीं हैं या फिर सुविधाएं ही नहीं हैं। उत्‍तर प्रदेश और तमिलनाडु में डब्‍ल्‍यूएचओ की टीम के सर्वे में खुलासा हुआ है कि यहां लागत के बावजूद विकलांग लोगों को इलाज और उपकरण मुहैया कराने की सुविधा नहीं है। यह स्थिति विकलांग लोगों को ठीक करने में बड़ी बाधा बन रही है। डब्‍ल्‍यूएचओ ने सभी देशों से विकलांग स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं बढ़ाने की अपील की है।…Next

 

 

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