blogid : 316 postid : 1391558

आसमान से गिर रही राख ने मचाई तबाही, 1 लाख से ज्‍यादा लोग घर छोड़कर भागे

Posted On: 18 Jan, 2020 Common Man Issues में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

Social Issues Blog

1050 Posts

830 Comments

आसमान से पानी बरसने और ओले गिरने की तो अकसर ही घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं। लेकिन, आसमान से जली हुई राख गिरना थोड़ा चौंकाने वाली घटना है। यह घटना बिल्‍कुल सही है और लगातार आसमान से गिर रही राख के कारण लाखों लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। जमीन से एक फुट ऊंचाई तक राख जमा हो गई है।

 

 

 

 

 

जमीन में एक फुट से ज्‍यादा राख की पर्त जमा
फिलीपींस के लॉरेल राज्य में प्राकृतिक आपदा ने लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है। यहां की सड़कें और पेड़ और मकानों की छतें राख के ढेर से ढंक चुकी हैं। राख हटाने के लिए बड़ी बड़ी मशीनों की मदद ली जा रही है। सरकार इस संकट से निपटने के लिए कमर कस चुकी है। हालात यह हैं कि यातायात सेवाओं के अलावा हवाई सेवाएं भी पूरी तरह बाधित हो चुकी हैं।

 

 

 

 

भीषण झटकों से दीवारें दरकी
लॉरेल राज्‍य के बुसो शहर के पास ताल ज्‍वालामुखी के फटने से भीषण लावा निकल रहा है जो आसमान में पहुंचकर राख में तब्दील हो रहा है। ज्‍वालामुखी फटने से इलाके में भीषण भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। झटकों के कारण कई मकानों की दीवारें और छतें दरक गई हैं। ज्‍वालामुखी की गर्मी इतनी भीषण है कि नजदीक में स्थित झील और बहने वाली नदी का पानी पूरी तरह सूख चुका है।

 

 

 

चमकती बिजली देख घबराए लोग
ज्‍वालामुखी विस्‍फोट से निकलने वाले लावा में भीषण बिजली चमकने से घबराए लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। जबकि बड़ी संख्‍या में नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने नजदीकी प्रांत बटनग्रास के करीब 14 गावों को पूरी तरह खाली करा दिया है और वहां नहीं जाने की चेतावनी जारी कर दी है। ज्‍वालामुखी के कारण आसमान में छाए राख के गुबार के कारण मनीला एयरपोर्ट की 600 अंतरराष्‍ट्रीय और राष्‍ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।

 

 

 

 

1977 में भी फटा था ज्‍वालामुखी
ज्‍वालामुखी विस्‍फोट पिछले दिनों 12 जनवरी को हुआ था। ज्‍वालामुखी में रोजाना भयंकर विस्‍फोट हो रहे हैं जिसके कारण कई किलोमीटर तक इलाका प्रभावित हुआ है। प्रभावित लोगों के लिए तगेते शहर में राहत शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा सरकार ने 250 से ज्‍यादा शिविरों को बनाया है। यहां 57 हजार से ज्‍यादा लोग शरण लिए हैं। जबकि बड़ी संख्‍या में लोग दूसरे शहरों में अपने रिश्‍तेदारों के यहां चले गए हैं। इससे पहले 1977 में यह ज्‍वालामुखी भड़का था।…NEXT

 

 

 

Read More:

मुत्‍यु दंड के दोषी को कैसे दी जाती है फांसी, समझिए पूरी प्रक्रिया

09 महीने में चार बच्‍चों को जन्‍म देने वाली महिला को देख चौंक गए लोग, दुनियाभर के डॉक्‍टर आश्‍चर्य में

क्रिसमस आईलैंड से अचानक निकल पड़े 4 करोड़ लाल केकड़े, यातायात हुआ ठप

हैंगओवर की दवा बनाने के लिए 1338 दुर्लभ काले गेंडों का शिकार, तस्‍करी से दुनियाभर में खलबली

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग