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कोरोना मरीजों के लिए मददगार साबित हो रहा प्लास्टिक हग कर्टेन, मरीजों को दे रहा जीने का हौसला और सुकून

Posted On: 24 Jun, 2020 Hindi News में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया वायरस से निपटने के तौर तरीके खोजने में जुटी हुई है। लेकिन, अभी तक कोई पुख्ता वैक्सीन या दवा का इंतजाम नहीं हो सका है। ऐसे में लंबे समय से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए हग कर्टेन एक दवा के जैसे काम कर रहा है। दरअसल, इस हग कर्टेन की मदद से मरीज अपने परिजनों से गले मिल सकते हैं। वैसे भी गले मिलने से स्ट्रेस और डिप्रेशन में कमी आने की बात कही जाती है। इस लिहाज से यह हग कर्टेन कोरोना मरीजों के लिए मददगार साबित हो रहा है।

 

 

 

 

कोरोना के कहर से कराह रहा है ब्राजील
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में ब्राजील दूसरे नंबर पर है। ब्राजील में इस प्लास्टिक हग कर्टेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि अमेरिका के बाद कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही ब्राजील में ही मचाई है। यहां कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 12 लाख के करीब पहुंच गई है, जबकि 52 हजार से ज्यादा लोग मर चुके हैं। करीब 5 लाख लोग ऐसे हैं जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

 

 

 

बिजनेसमैन ब्रूनो ने बनाया हग कर्टेन
इन 5 लाख लोगों में कई ऐसे हैं जो दो महीने से भी ज्यादा समय से अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पतालों ने मरीजों के परिजनों को एहतियातन मुलाकात से मना कर रखा है। ऐसे में मरीज अपने परिजनों से नहीं मिल पाने के कारण मानसिक रूप से कमजोर पड़ने लगते हैं। जबकि, परिजन भी दुख झेलते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए साओ पाउलो के बिजनेसमैन ब्रूनो जानी ने प्लास्टिक का हग कर्टेन बनाया है।

 

 

 

 

बिना स्किन टच किए गले मिल रहे मरीज और परिजन
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना के मद्देनजर इस हग कर्टेन को पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है। डॉक्टरों की मंजूरी के बाद हग कर्टेन को साओ पाउलो के अस्पताल में लगाया गया है। जहां मरीज और उनके परिजन एक दूसरे की स्किन को बिना टच किए गले लग सकते हैं। इस हग कर्टेन की वजह से मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक रूप से मजबूती हासिल होने की बात कही जा रही है।

 

 

 

 

 

मरीजों को मानसिक मजबूती दे रहा कर्टेन
हग कर्टेन बनाने वाले ब्रूनो जानी ने बताया कि कई लोग 70 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं। अपने परिजनों से मिले बिना वह मानसिक रूप से कमजोर होते जा रहे थे। ऐसे में उन्हें हौसला देने और बीमारी से ठीक करने के लिए उन्होंने प्लास्टिक हग कर्टेन को बनाने का फैसला किया।

 

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ऐसे करता है काम
इस हग कर्टेन को कोरोना मरीज और उसके परिजन से गले मिलने के लिए बनाया गया है। इसके लिए हग कर्टेन में चार होल हाथ डालने के लिए बनाए गए हैं। दो होल मरीज के हाथों के लिए और दो होल परिजन के लिए। चारों होल को प्लास्टिक से कवर किया गया है। इससे परिजन और मरीज एक दूसरे को बिना टच किए गले लगा पा रहे हैं। इस प्लास्टिक हग कर्टेन की दुनियाभर में प्रशंसा हो रही है।..NEXT

 

 

 

 

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