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जानें कौन हैं आईएएस जी. अय्यर, जिनके मुरीद हैं पीएम मोदी

Posted On: 11 Apr, 2018 Common Man Issues में

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल महात्मा गांधी की कर्मभूमि मोतिहारी पहुंचे जहां उन्होंने सत्याग्रह शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में ‘सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह’ कार्यक्रम को संबोधित किया। मोदी ने बिहार सरकार के साथ केंद्र की भी पीठ थपथपाई, लेकिन इस दौरान उन्होंने एक ऐसे शख्स परमेश्वरन अय्यर की तारीफ में कसीदे पढ़े जो अब तक परदे के पीछे रह कर ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को आगे बढ़ाते रहे हैं।

 

 

चंपारण सत्याग्रह में पीएम ने की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में एक रिटार्यड आईएएस ऑफिसर की जमकर तारीफ की। इस आईएएस अफसर का नाम है परमेश्वर जी. अय्यर।

 

 

अमेरिका से लौटे हैं अय्यर

पीएम मोदी ने कहा कि अय्यर खुद शौचालय साफ करते हैं और वे अमेरिका से नौकरी छोड़कर आए हैं। असल में अय्यर ने स्वच्छ भारत मिशन को हेड करने के लिए अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। वे 1981 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अफसर रहे हैं, उन्होंने 7 साल पहले ऐच्छिक रिटायरमेंट ले लिया था।

 

 

परमेश्वरन के बारे में पीएन ने लोगों को बताया

परमेश्वर वर्ल्ड बैंक के स्वच्छता अभियान में काम किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”भारत सरकार में आज एक सचिव हैं परमेश्वरन अय्यर वो इन दिनों स्वच्छता अभियान को देख रहे हैं। मोदी उनके काम से इतने खुश हैं कि जब उन्होंने स्टेज पर अय्यर को नहीं पाया तो उन्होंने भीड़ में अफसर की ओर कैमरा करने को कहा।

 

 

सेनिटेशन सेक्टर में 20 साल से कर रहे हैं काम

अय्यर को पानी आपूर्ति और सेनिटेशन सेक्टर में 20 साल से अधिक काम करने का अनुभव है, उन्हें जल सूरज प्रोग्राम के लिए जाना जाता है। बता दें कि अय्यर भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। सरकार ने उन्हें पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय में सचिव के तौर पर अमेरिका से वापस बुलाया था।

 

 

पहले इन्हें मिली थी स्वच्छ भारत मिशन की जिम्मेदारी

स्वच्छ भारत मिशन को पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक माना जाता है। मोदी सरकार के गठन के बाद इस योजना की जिम्मेदारी 1980 बैच की गुजरात काडर की आईएएस अधिकारी विजय लक्ष्मी जोशी को दी गई थी। तब वह पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की सचिव थीं, लेकिन उन्होंने नवंबर, 2015 में अचानक स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया था।

 

 

यूं परमेश्वरन के तौर पर पूरी हुई तलाश

इसके बाद पीएम मोदी को इस अहम मिशन को आगे बढ़ाने के लिए योग्य अफसर की तलाश थी। जोशी के इस्तीफे के बाद इस मिशन की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास सचिव जुगल किशोर मोहपात्र को यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह कुछ दिन ही रहे और आखिर में यह तलाश में परमेश्वरन अय्यर के तौर पर पूरी हुई। वह आईएएस की जॉब छोड़ अमेरिका चले गए थे, लेकिन मोदी सरकार के आह्वान पर लौटे और स्वच्छ भारत मिशन की जिम्मेदारी संभाली।Next

 

 

 

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