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शादी के बाद जिस्मफरोशी करती हैं ये महिलाएं, ग्राहक ढूंढ़कर लाते हैं इनके पति

Posted On: 6 Apr, 2016 Common Man Issues में

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बचपन में जब भी भीड़ में कोई उसे हाथ लगाता था तो वो घर आकर न जाने कितने घड़े पानी से नहा लिया करती थी. उसे ऐसा लगता था जैसे उसका पूरा शरीर गंदा हो चुका है. लेकिन बड़े होने पर उसे हर रात किसी और के साथ बिताने के लिए मजबूर किया जाता. लेकिन वो आखिर क्या कर सकती थी. उसके लिए ग्राहक ढूंढ़ कर लाने वाला भी तो उसका पति ही था. ये कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं बल्कि ‘पेरेना समुदाय’ की उन अनगिनत लड़कियों की है.

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जिनके यहां वेश्यावृत्ति एक ऐसा व्यवसाय बन चुका है, जो पीढ़ियों से इनके यहां चल रहा है. चौंकाने वाली बात ये है कि शादी के बाद इन लड़कियों के पति ही इनके लिए ग्राहक खरीदकर लाते हैं. इसी कमाई से इनका घर चलता है. शादी के बाद पहली संतान होने के बाद इनके पति इन्हें जिस्मफरोशी की दलदल में खुद धकेल देते हैं. ‘पेरना समुदाय’ साल 1964 में राजस्थान से दिल्ली आया था. शुरुआत में भीख मांगकर गुजारा चलाया. हालांकि बाद में देह व्यापार करना शुरू कर दिया.

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समुदाय की लड़कियां चौथी या पांचवी तक पढ़ती हैं. जब तक वे कुछ समझने लायक होती हैं,  तब तक शादी के नाम पर उनका सौदा कर दिया जाता है. लड़कियों को शादी के नाम पर बेचने से पहले समुदाय पंचायत में पेश किया जाता है, जहां लड़कियों की सुंदरता के हिसाब से रेट तय होते हैं. शादी के बाद ससुराल वाले पहला बच्चा होने के साथ ही लड़कियों से देह व्यापार कराना शुरू कर देते हैं. वैसे कुछ एनजीओ इन लड़कियों को इस गंदगी से निकालने के लिए काम कर रहे हैं. वेश्यावृत्ति के दलदल में फंसी ‘पेरना समुदाय’ की महिलाओं को बचाने के लिए ‘अपने आप’ नाम की सामाजिक संस्था पिछले 4 सालों से हर संभव प्रयास कर रही है.

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उनकी कोशिशों में ऐसी महिलाओं को पढ़ाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और आए दिन शादी के नाम पर बिकती लड़कियों को बचाना शामिल है. ‘अपने आप’ के सदस्य न केवल पेरना समुदाय की लड़कियों को शिक्षित करते हैं, बल्कि उन्हें सिलाई, कढ़ाई जैसे कार्य सिखाकर स्वंयरोजगार के लिए भी प्रेरित करते हैं. ऐसे में इस तरह के शर्मनाक रिवाजों को देखकर ऐसा लगता है जैसे देश में जर्जर पड़ चुके रिवाजों को पीठ पर लादकर कुछ समुदाय आज भी हाशिए पर खड़े हुए हैं. जिन पर वक्त रहते ध्यान दिए जाना बहुत जरूरी है…Next


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