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रूम हीटर नहीं धूप सेंकना से होगा आपके लिए फायदेमंद, ब्रेस्ट कैंसर और डायबिटीज के रोगियों पर पड़ता है सकरात्मक असर

Posted On: 11 Jan, 2019 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

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आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोगों के पास नाश्ता करने का टाइम नहीं होता। ऐसे में सर्दियों में धूप सेंकना तो बहुत बड़ी बात है। लेकिन अगर आपको बीमारियों से मुक्त रहना है तो आप हीटर की बजाय प्राकृतिक धूप लेना शुरू कर दीजिए। दरअसल, टोरंटो में हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक, जो महिलाएं दिनभर में तीन घंटे धूप में बैठती हैं, उनमें ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा आधा हो जाता है। गौरतलब है कि ‘सनशाइन विटामिंस’ कैंसर से बचाने में महिलाओं की मदद करते हैं। इस स्टडी में यह भी कहा गया है कि नवंबर से फरवरी तक रोज न सही, लेकिन हफ्ते में 19 घंटे भी आप धूप में बैठ जाते हैं, तो कई तकलीफों से दूर रह सकते हैं।

 

 

ब्रेस्ट सेल्स में विटामिन डी को होती है हार्मोन को बदलने की क्षमता
हम 10 प्रतिशत विटामिन डी तो फैटी फिश, अंडे और दूध से ले लेते हैं, लेकिन 90 पर्सेंट हमें सूरज की रोशनी से मिलता है, जो फूड से भी ज्यादा जरूरी है। लैबरेटरी टेस्ट के मुताबिक, ब्रेस्ट सेल्स में विटामिन डी को हार्मोन में तब्दील करने की क्षमता होती है, जो ऐंटी कैंसर प्रॉपर्टीज बनाते हैं। दरअसल, एक हेल्दी वुमन में 3, 471 ब्रेस्ट कैंसर विटामिंस होने जरूरी हैं।

 

 

ब्रेस्ट कैंसर के चांस होते हैं कम
यह संख्या अगर 2 हजार से नीचे चली जाती है, तो कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। जैसे, अगर आप 20 से 30 साल की हैं, तो आपको हफ्ते में 21 घंटे धूप की जरूरत पड़ती है। बता दें कि इस समय रिस्क फैक्टर सबसे ज्यादा होता है। 30 से 40 के दौरान रिस्क 36 पर्सेंट कम हो जाता है और जब कोई महिला 50 से 60 की उम्र में पहुंच जाती है, तो ब्रेस्ट कैंसर होने के चांस 60 पर्सेंट कम हो जाते हैं।

 

 

 

 

डायबिटीज का खतरा होता है खतरा
मेलबर्न में की गई एक दूसरी स्टडी में कहा गया है कि धूप की कमी से लाखों लोगों के टाइप 2 डायबिटीज की चपेट में आने का रिस्क है। गौरतलब है कि रिसर्च टीम ने 5,200 लोगों के ब्लड की जांच की। उन्होंने पाया कि ब्लड में विटामिन डी के अलावा, 30 नैनोमोल्स होने से डायबीटीज़ की चपेट में आने का रिस्क 24 पर्सेंट तक घट जाता है। इस स्टडी में रिसर्चर डॉ। केन सिकरिस कहते हैं कि जिनके शरीर में विटामिन डी के नैनोमोल्स की संख्या प्रति लीटर 50 से कम होती है, उन्हें डायबिटीज का खतरा होता है…Next

 

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