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सरोगेसी बिल : इन शर्तों के साथ सरोगेसी को मिली मंजूरी, नियम तोड़ने पर 10 साल तक की सजा

Posted On: 20 Dec, 2018 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

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भारत में सरोगेसी हमेशा से बहस का मुद्दा रहा है। सरोगेसी को लेकर दो तरह के मत देखने को मिलते हैं। एक सेरोगेसी को सपोर्ट करने के तौर पर और दूसरा मत है सेरोगेसी को एक व्यवसाय बताने वाले लोगों का। वहीं, फिल्मी दुनिया की बात करें, तो सरोगेसी से कई सितारे मां-बाप बने हैं। सरोगेसी के कानून को लेकर कई बार संशोधन की मांगे उठती रही हैं इसलिए सरकार ने सरोगेसी के बिल पर गंभीरता से विचार करते हुए इसके साथ कुछ शर्ते जोड़ दी है।

 

 

व्यवसाय नहीं परोपकार है सरोगेसी
लोकसभा में बुधवार को सरोगेसी (नियामक) विधेयक, 2016 ध्वनिमत से पारित हो गया। यह विधेयक सरोगेसी (किराए की कोख) के प्रभावी नियमन को सुनिश्चित करेगा, व्यावसायिक सरोगेसी को प्रतिबंधित करेगा और निसंतान भारतीय दंपतियों की जरूरतों के लिए सरोगेसी की इजाजत देगा। यानी सरोगेसी अब व्यवसाय नहीं हो सकेगा बल्कि परोपकार का साधन ही रहेगा।

 

कौन लोग ले सकते हैं सरोगेसी की मदद
सरोगेसी बिल के मुताबिक ऐसे दंपती जिनमें एक या दोनों मां-पिता बनने में सक्षम नहीं हों या किसी भी वजह से जिनके बच्चे न हों, वे सरोगेसी की मदद ले सकते हैं। इसमें अपवाद के तौर पर ऐसे कपल को शामिल किया गया है जिनका बच्चे मानसिक या शारीरिक रूप से सक्षम नहीं हैं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

 

 

ऐसे लोगों को नहीं है सरोगेसी की इजाजत
सरोगेसी बिल ने ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया है जिन्हें सरोगेसी की इजाजत नहीं मिलेगी। बिल के मुताबिक सिंगल पुरुष व औरतें, अविवाहित जोड़ों और होमोसेक्शुअल को सरोगेसी की इजाजत नहीं मिल पाएगी।

 

केवल मेडिकल खर्च और इंश्योरेंस कवरेज का भुगतान
सरोगेसी बिल के सबसे प्रमुख प्रावधानों में से एक यह है कि इसकी मदद से कर्मशल सरोगेसी पर रोक लगाई गई है। इसके तहत सरोगेसी की मदद ले रहे लोग इसके लिए केवल महिला के मेडिकल खर्च और इंश्योरेंस कवरेज का ही भुगतान कर पाएंगे। सरोगेसी करने वाली महिला उस दंपती की करीबी रिश्तेदार होनी चाहिए और उसकी उम्र 25-35 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा उस महिला का कम से कम एक अपना बच्चा होना चाहिए।

 

 

एक बार ही कर सकेगी सरोगेसी
सरोगेसी बिल के मुताबिक अब कोई महिला जीवन में केवल एक बार सरोगेसी की मदद से दूसरे दंपती के बच्चे पैदा कर सकेगी। इस नए प्रावधान से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का वह पुराना नियम खत्म हो जाएगा जिसमें किसी महिला को अपने बच्चे समेत पांच बार तक बच्चे पैदा करने की अनुमति मिलती थी।

 

नियम तोड़ने पर हो सकती है 10 साल तक की सजा
सरोगेसी बिल के मुताबिक इसके नियमों को काफी कठोर बना दिया गया है। अगर सरोगेसी के ये प्रावधान तोड़े गए तो इसके इच्छुक दंपती और सरोगेट मदर को क्रमशः कम से कम 5 साल और 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा 5 लाख तक और 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अगर कोई मेडिकल प्रैक्टिशनर इसके नियमों को तोड़ता पाया गया तो उसे कम से कम 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना देना पड़ सकता है…Next

 

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