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यहां अस्पतालों से दूर भाग रहे कोरोना पेशेंट, जानिए क्यों खाली पड़े हैं कोरोना हॉस्पिटल्स के हजारों बेड

Posted On: 13 Jul, 2020 Common Man Issues में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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कोरोना से जंग लड़ने के लिए दुनियाभर के कई मुल्कों ने स्पेशल हॉस्पिटल्स और व्यवस्थाएं कर रखी हैं। इसी कड़ी में बांग्लादेश में भी तैयारियां हैं, लेकिन यहां के कोरोना पेशेंट अस्पतालों में इलाज कराने से दूर भाग रहे हैं। कोरोना मरीजों का कहना है कि वह अस्पताल में मरने से अच्छा घर में मरना पसंद करेंगे।

 

 

 

 

बांग्लादेश के बिगड़ रहे हालात
भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश इन दिनों कोरोना महामारी के खतरे से जूझ रहा है। बांग्लादेश में लगातार नए संक्रमित मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां हर दिन 3 हजार से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं। बांग्लादेश में अब तक 183,795 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

 

 

 

13 हजार से ज्यादा खाली पड़े हैं बेड
अलजजीरा के मुताबिक बांग्लादेश सरकार ने कोरोना से जंग के लिए आईसोलेशन वार्ड और स्पेशल कोरोना हॉस्पिटल्स का इंतजाम किया है। राजधानी ढाका में दो अस्पतालों के करीब 11 हजार से ज्यादा बेड उपलब्ध कराए गए हैं। जबकि, कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल चिटगांव में 2 हजार बेड का अस्पताल है।

 

 

 

 

 

 

स्पेशल कोरोना मरीजों के लिए बने हैं अस्पताल
रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना मरीज इन अस्पतालों में इलाज कराने से दूर भाग रहे हैं। कोरोना के लिए स्पेशल तैयार कराए गए इन अस्पतालों के लगभग सभी बेड खाली पड़े हैं। बांग्लादेश का स्वास्थ्य विभाग भी इस बात को स्वीकार करता है। स्वास्थ्य विभाग की उप प्रमुख नसीमा कहती हैं कि कोरोना पेशेंट के अस्पतालों में नहीं आने के पीछे की वजह घर घर तक पहुंचाई जा रही टेलीमेडिशिन सुविधा हैं।

 

 

 

 

अस्पताल में मरने की बजाय घर में मरने की चाह
रिपोर्ट के अनुसार कोरोना पेशेंट का कहना है कि अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है। उन्हें नहीं लगता है कि वहां पर उनकी अच्छी देखभाल होगी और बेहतर इलाज मिलेगा। इसी वजह से वह अस्पताल में मरने की बजाय अपने घरों में मरना पसंद करेंगे। वहीं, सरकारी अधिकारी इसके पीछे की वजह पेशेंट में हॉस्पिटल फोबिया को बता रहे हैं।..NEXT

 

 

 

 

 

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