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जापान में हाई हील्स के खिलाफ शुरू हुआ #KUTOO कैम्पेन, एक फरमान के बाद महिलाओं ने उठाई आवाज

Posted On: 22 Mar, 2019 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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अगर ऑफिस में कोई ऐसा ऑर्डर आए जिसमें आपको लंच में एक ही किस्म का खाना लाने को कहा जाए या एक ही कपड़ों को पहनने के लिए कहा जाए तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? सीधी-सी बात है इस ऑर्डर को फॉलो कर पाना लगभग नामुमकिन सा होगा। खासकर आप एक आधुनिक दौर में हो। ऐसे में आवाज उठना लाजिमी है। ऐसी ही आवाज इन दिनों जापान से उठती हुई दिखाई दे रही है। जापान के दफ्तरों में महिलाओं को हाई हील्स पहनना अनिवार्य है। हाई हील के कारण कई बार महिलाओं को कई तरह की शारीरिक परेशानी भी होती है। जापान टाइम्स के अनुसार, इसी के विरोध में महिलाओं ने सोशल मीडिया पर यह अभियान शुरू किया है। दफ्तरों में अनिवार्य ड्रेसकोड और महिलाओं के लिए हाई हील्स अनिवार्य रहने के विरोध में यह अभियान चलाया जा रहा है।

 

 

सोशल मीडिया पर चला #kutoo अभियान
जापान में ड्रेसकोड और हाई हील्स के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स हाई हील्स और फॉर्मल ड्रेस कोड अनिवार्य रखने को पुरानी सामंती मानसिकता को ही आगे ले जानेवाली परंपरा बताई जा रही है।

सोशल मीडिया पर बयां कर रही हैं अपने अनुभव
हाई हील्स का विरोध करते हुए जापान में महिलाएं हील्स की वजह से हुई शारीरिक परेशानियों को सांझा कर रही हैं और लम्बे समय तक इसे पहने रहने से तनाव और दूसरी परेशानियों पर भी लिख रही हैं। हाई हील्स के विरोध में महिलाओं का तर्क है कि इससे एड़ी में दर्द, कमर दर्द जैसी कई शारीरिक तकलीफों से भी गुजरना पड़ता है। महिलाओं ने इसके विरोध में लिखा, ‘जूते पहनने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। यह एक तरह की महिला विरोधी मानसिकता है, जिसमें महिलाओं को स्वास्थ्य की अनदेखी कर हाई हील्स पहनने पड़ते हैं।’

 

 

पुरूषों के लिए भी है अलग ड्रेसकोड
जापान के दफ्तरों में महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए ही ड्रेसकोड अनिवार्य है। पुरुषों को भी फॉर्मल ड्रेसकोड के साथ क्लीनशेव रहना अनिवार्य है। महिलाओं के ड्रेसकोड में हाई हील्स भी अनिवार्य है।…Next

 

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