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हर 10 में 1 लड़की को है PCOD की बीमारी, सारा अली खान भी हो चुकी हैं इसका शिकार

Posted On: 21 Nov, 2018 Common Man Issues में

Pratima Jaiswal

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‘एक वक्त ऐसा था जब मेरा वजन 96 किलो हुआ करता था। मेरे लिए वजन घटाना इसलिए संभव नहीं हो पा रहा था क्योंकि मुझे PCOD नाम की बीमारी थी।‘ एक टॉक शो में सारा अली खान ने ये बातें कहकर सभी को चौंका दिया। सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा जल्द ही ‘केदारनाथ’ फिल्म से डेब्यू करने जा रही हैं। सारा ने स्वीकार किया कि उन्हें PCOD यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज है। एक आंकड़े के अनुसार, भारत में हर 10 में से लड़की इस बीमारी का शिकार हो चुकी है। PCOD को PCOS यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम भी कहा जाता है।

 

 

 

क्या है PCOD की बीमारी
PCOD के दौरान लड़कियों या महिलाओं के ओवरी में हर महीने एग्स जरूरत से ज्यादा बनने लगते हैं। मेंस्ट्रुअल साइकल बिगड़ने से ओवरी में एक्स्ट्रा एग्स जमा होने लगते हैं जो सिस्ट के रूप में बन जाते हैं और इन्हें ऑपरेशन करके हटाया भी जाए तो सिस्ट फिर बन जाता है। इसलिए दवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।

 

बीमारी के लक्षण
इस बीमारी के विशिष्ट लक्षणों के बारे में बात करें तो वजन बढ़ना, थकान, शरीर पर जगह-जगह अवांछित बाल उगना, बाल पतले होना, बांझपन, मुंहासे, पेल्विक पेन, सिर दर्द, नींद की समस्या और मूड स्विंग आदि शामिल हैं। ज्यादातर लक्षण युवावस्था के तुरंत बाद शुरू होते हैं और वे देर से किशोरों और प्रारंभिक वयस्कता में भी विकसित हो सकते हैं।

 

 

 

मेल हॉर्मोन टेस्टोस्ट्रेरॉन का बढ़ जाता है लेवल
इसके अलावा PCOD होने पर लड़कियों के शरीर में मेल हॉर्मोन टेस्टोस्ट्रेरॉन का लेवल भी बढ़ जाता है जिससे चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ जैसे बाल उगने लगते हैं। PCOD के मरीज के लिए मोटापा घटाना बेहद मुश्किल होता है। चेहरे पर मुहांसे भी बहुत ज्यादा दिखने लगते हैं। पिछले 5 से 8 सालों में यह बीमारी तेजी से बढ़ी है। खासकर मोटापे का शिकार हो रही लड़कियां तेजी से इसकी चपेट में आ रही हैं। एक्सर्साइज की कमी, फिजिकल ऐक्टिविटी कम होना और डायट से जुड़ी गलत आदतों की वजह से PCOD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

 

 

इन्फर्टिलिटी का बढ़ सकता है खतरा
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि PCOD मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्या है। खानपान की गलत आदतों और बिगड़े लाइफस्टाइल की वजह से हॉर्मोंस में असंतुलन पैदा हो रहा है। दिक्कत यह है कि एक बार यह बीमारी हो जाए तो ठीक करना मुश्किल होता है। आगे चलकर इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंस भी पैदा हो जाता है और कुछ साल बाद डायबिटीज और इन्फर्टिलिटी का खतरा हो सकता है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि PCOD को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन जंक फूड की जगह हेल्दी फूड लेकर और फिजिकल ऐक्टिविटी बढ़ाकर इस स्थिति में सुधार किया जा सकता है…Next

 

 

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