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ठंड से पहले कोरोना वैक्सीन नहीं आई तो हो जाएगा अनर्थ, कोरोना के साथ ये वायरस भी कर देगा अटैक

Posted On: 5 Jun, 2020 Hindi News में

Rizwan Noor Khan

जन-जन से जुड़ी दास्तांसमाज की विभिन्न जरुरतों व समस्यायों को उभारता और समाधान तलाशता ब्लॉग

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कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बना हुुआ है। इसे अब तक की सबसे बड़ी महामारी घोषित किया जा चुका है। वायरस से लगभग हर देश जूझ रहा है। साइंटिस्ट ने कहा है कि ठंड से पहले कोरोना की वैक्सीन बनानी होगी। नहीं तो कोरोना के साथ ही एक अन्य खतरनाक वायरस से भी हमें लड़ना होगा।

 

 

 

 

वैक्सीन खोजने में जुटी पूरी दुनिया
कोरोना महामारी को थामने के लिए लगभग सभी देश अपने अपने तरीके से इसकी दवा और वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं। इस दिशा में दुनिया के हर कोने से साइंटिस्ट रिसर्च और एक्सपेरीमेंट कार्यक्रमों के जरिए महामारी को समझने और रोकने के तरीके खोज रहे हैं। इसके बावजूद अब तक कोरोना को पूरी तरह से खत्म करने वाली वैक्सीन या दवा नहीं बनाई जा सकी है।

 

 

 

ठंड से पहले हर हाल में बनानी होगी वैक्सीन
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार इजराइल के साइंटिस्ट ने कहा है कि हमें हर हाल में कोरोना वायरस की वैक्सीन बनानी होगी। इस महामारी से बचने का इकलौता इलाज वैक्सीन ही है। अगर विंटर्स से पहले कोरोना की वैक्सीन नहीं बनाई गई तो हमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गवांनी पड़ेगी।

 

 

 

 

 

दुनिया को बचाना जरूरी
इजराइल के सबसे बड़े हॉस्पिटल तल हशोमहर के मेडिकल सेंटर के डायरेक्टर गिली रागेव योचे ने कहा है कि यह दिख रहा है कि कोरोना का कोई ठोस इलाज अब तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दुनिया को इस बीमारी से बचाने का एकमात्र तरीका वैक्सीन ही है।

 

 

 

 

 

 

कोरोना के साथ इस वायरस का खतरा
कपलान मेडिकल सेंटर के डायरेक्टर ओरेन जिम्होनी ने कहा है कि हमें पूरे विश्व के लोगों को वैक्सीन देने की जरूरत है। यह हमारे लिए अच्छा होगा कि सर्दियां आने से पहले ही रोकथाम का तरीका खोजना होगा। नहीं तो कोरोना के साथ ही इन्फ्ल्यूएंजा वायरस भी हमला कर देगा। दो वायरस के हमले में हम बड़ी संख्या में लोगों को खो देंगे।

 

 

 

 

इलाज नहीं खोजा तो हो जाएगा अनर्थ
येरुशलम की हेब्रू यूनिवर्सिटी में मेडिसिन स्कूल की डीन डायना बेन येहुदा ने कहा कि एक अकेले देश के लिए कोरोना वैक्सीन बनाना बेहद मुश्किल है। हमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए दुनिया को बचाने की जरूरत है। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो बड़ी संख्या में लोगों की जिंदगी खो देंगे।

 

 

 

 

क्या है इन्फल्यूएंजा
इन्फल्यूएंजा वायरल इन्फेक्शन फैलाने वाला वायरस है। इसके संक्रमण से श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचता है। सर्दी—जुकाम, बुखार, खांसी, बदन दर्द, सांस लेने में दिक्कत और अस्थमा की समस्या होने लगती है। इसे फ्लू भी कहा जाता है। ठंड के मौसम में ये ज्यादा खतरनाक हो जाता है। साइंटिस्ट के मुताबिक कोरोना और इन्फ्ल्यूएंजा के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं। ऐसे में सर्दियों में एक जैसे दो खतरनाक वायरस से निपटना मुश्किल पैदा कर सकता है।..NEXT

 

 

 

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