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पाकिस्तान को अजमल ने, कीवियों को दक्षिण अफ्रीका ने हराया

Posted On: 7 May, 2010 Sports में

खेल संसारकौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

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इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान

कल आईसीसी ट्वंटी 20 विश्व कप के सुपर आठ के पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को छह विकेट से करारी शिकस्त दी. पूर्व आईसीसी ट्वंटी 20 विश्व कप विजेता इस हार के लिए इंग्लैंड के बेहतर खेल से ज़्यादा खुद जिम्मेदार थे. पाकिस्तान क्षेत्ररक्षकों को देखकर ऐसा लग रहा था कि उन्होंने खाने में मक्खन भरे पराठा खाये थे, जिसके कारण कैच लपकने में उन्हें परेशानी हो रही थी, और गेंद उनके हाथों से फिसली चली जा रही थी.

इससे पहले एक बार फिर पाकिस्तान बल्लेबाज़ अच्छी शुरुवात का लाभ उठाने में नाकामयाब रहा. एक समय पाकिस्तान का स्कोर 9 ओवर में एक विकेट पर 71 रन था, परन्तु इसके बाद जैसे उनके रनों को ग्रहण लग गया और 77 रन पहुंचते-पहुंचते उन्होंने 4 विकेट खो दिए. मौका अच्छा जान इंग्लैंड के गेंदबाजों ने गेंदबाज़ी की रणनीति में परिवर्तन लाते हुए गति परिवर्तन और बाउंसर का सही उपयोग किया. हलाकि उमर अकमल ने कुछ ज़ोर लगाया परन्तु कोई भी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाया, और पाकिस्तान 20 ओवर में केवल 147 रन ही बना सका.

पाकिस्तानी गेंदबाज़ी आक्रमण और केसिंगटन ओवल की पिच का स्वरुप देखते हुए 148 का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण माना जा सकता है, परन्तु आज अजमल ने कैच ना पकड़ने की ठानी थी. पहले ओवर की छठीं गेंद में उन्होंने सलामी बल्लेबाज़ कीस्वेटर का आसान कैच मिड-ऑन क्षेत्र पर टपका दिया. उनका कैच छोड़ने का यह सिलसला यही नहीं थमा और 5 ओवर में उन्होंने दो  और कैच छोड़ दिए. इसका फायदा इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ों ने खूब उठाया, और तेज़ गति से रन बनाते हुए, 4.4 ओवर में 44 रन ठोक दिए. इसके बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों ने वापसी  की कोशिश तो की, परन्तु आज दिन पीटरसन का था. अभी तक आईसीसी ट्वंटी 20 विश्व कप में आउट ऑफ फार्म चल रहे पीटरसन ने पाक के खिलाफ अपनी लय में वापसी करते हुए गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. उन्होंने 37 गेंदों पर चार चौके और दो छक्कों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा कर इंग्लैंड के लिए जीत की नींव रखी. हालांकि कोलिंगवुड एक बार फिर असफल रहे और पिछले दोनों लीग मुकाबले में शानदार बैटिंग करने वाले इयोन मोर्गन भी कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन आज पीटरसन के इरादे इंग्लैंड को जीत दिलाने के थे. पीटरसन ने 70 रनों की नाबाद पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाई.

कैच पकड़ो मैच जीतो

क्रिकेट में कहा जाता है, एक कैच पूरा मैच बदल सकता है. परन्तु अगर आप तीन कैच छोड़ें तो? इस सवाल का जवाब अजमल से पूछें तो, उनका मुर्झाया चेहरा अपने आप ही उनकी आप-बीती बयाँ करता है. कल अगर अजमल कैच पकड़ लेते तो, क्या पाकिस्तान हारता? क्या इंग्लैंड को अच्छी शुरूआत मिलती? तीन कैच छोड़ने का मतलब अपने साथ-साथ पूरी टीम के मनोबल को कम करना होता है, जिसका फ़ायदा विरोधी टीम को होता है. कल इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने भी इन गलतियों का भरपूर फ़ायदा उठाया. पहले तो उनके सलामी बल्लेबाज़ों ने अपनी टीम को ठोस शुरूआत प्रदान की, जिसके चलते आने वाले बल्लेबाज़ों का मनोबल बढ़ गया. बाद में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के गिरते हुए साहस का फ़ायदा पीटरसन ने खूब उठाया. उन्होंने यह मंच अपने फॉर्म में आने ले लिए इस्तेमाल करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई.

न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीकी

भारत से मिली हार से सबक लेते हुए कल दक्षिण अफ्रीकी खिलाडियों ने उम्दा खेल का प्रदर्शन किया. पहले तो दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने मजबूत स्कोर प्रदान किया, बाद मे गेंदबाजों ने लगातार विकेट गिराने की क्षमता की बदौलत आईसीसी ट्वंटी 20 विश्व कप के सुपर आठ के मुकाबले में न्यूजीलैंड को 13 रनों से हरा दिया.

CRICKET-T20WC-RSA-NZअगर हम मैच का विश्लेषण करें तो, पूरे मैच को चार प्रतियों मे बांट सकते हैं. पहले खेलते हुए अफ़्रीकी बल्लेबाज़ों ने अच्छी शुरूआत की और तेज़ गति से रन बनाये, परन्तु कालिस के आउट होने के बाद न्यूजीलैंड के फिरकी गेंदबाजों ने मैच में पकड़ बनाने की कोशिश की परन्तु वह नाकामयाब रहे. इसका मुख्य कारण महत्वपूर्ण क्षणों में वह विकेट लेने में नाकामयाब रहे.

मैच का दूसरा महत्वपूर्ण क्षण दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डीविलियर्स के नाबाद 47 और एल्बी मोर्केल के तेज़ी से बनाये 40 रन थे. इसके साथ-साथ उन्होंने चौथे विकेट के लिए शानदार 38 गेंदों पर 72 रनों की साझेदारी की और निर्धारित बीस ओवर में 170 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा करने में उपयोगी भूमिका निभाई.

685_148x168तीसरा क्षण मैक्कुलम का विकेट था. बड़े लक्ष्य का सामना करने उतरी न्यूजीलैंड को मैक्कुलम से तेज़ और अच्छी शुरूआत की दरकार थी, किन्तु वह इसमे नाकामयाब रहे और 6 रन के निज़ी स्कोर पर आउट हो गए. इसके साथ-साथ राइडर का विकेट भी बहुत महत्वपूर्ण था. चूंकि वह अच्छा खेल रहे थे और तेज़ भी, 67 रन के अंदर इन दोनों का पवेलियन लौटना न्यूजीलैंड को बहुत खला.

चौथा और आखिरी महत्वपूर्ण क्षण था बोथा की गेंदबाज़ी. तेज़ गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के बाद अफ्रीका को अपने फिरकी गेंदबाज़ से भी अच्छा प्रदर्शन की ज़रूरत थी. मौके की अहमियत जानते हुए बोथा ने उम्दा प्रदर्शन किया और न्यूजीलैंड के दो प्रमुख बल्लेबाज़ राइडर और गुप्टिल को आउट करके, बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे न्यूजीलैंड की टीम की गहरा झटका दिया.

दक्षिण अफ्रीकी के जीतने का मुख्य कारण हर क्षेत्र में पेशेवर प्रदर्शन था. जहाँ उन्होंने बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी के साथ-साथ अच्छा क्षेत्ररक्षण भी किया, वही उनके खिलाडियों ने अहम मौकों पर अपना साहस बनाये रखा.

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