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क्या वापसी करेंगे पोंटिंग ?

Posted On: 24 Dec, 2011 Sports में

खेल संसारकौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

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ricky pontingएक समय था जब आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में रिकी पोंटिंग की जगह एक राजा की तरह थी. एक ऐसा जो अपनी सेना का ना सिर्फ नेतृत्व करता था बल्कि समय आने पर टीम की जीत के लिए अपना पूरा दमखम लगा देता था. पोंटिंग क्रिकेट की दुनिया के बादशाह थे जिनकी कप्तानी में आस्ट्रेलिया ने दुनिया के हर मैदान पर अपनी जीत का परचम लहराया, दो बार विश्व कप का विजेता बना. सचिन के बाद टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक रिकी पोंटिंग के ही नाम हैं. लेकिन दुनिया के हर खिलाड़ी को समय के साथ अपने फॉर्म से समझौता करना ही पड़ता है. पोंटिंग भी इस बात का अपवाद ना बन सके और ढलती उम्र के साथ उन्हें भी अपने फॉर्म से समझौता करना ही पड़ रहा है. पिछले 2 साल में एक शतक पोंटिंग के कॅरियर की तबाही को साफ दिखा रहा है.


हालात इतने बुरे हैं कि ना सिर्फ पोंटिंग को कप्तानी छोड़नी पड़ी है बल्कि उन्हें टीम में अपनी जगह बनाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ी है. ले-देकर बड़ी मुश्किल से उन्हें टीम में जगह तो मिली है पर आस्ट्रेलियाई कोच मिकी ऑर्थर ने साफ कर दिया है कि प्रदर्शन करो या बाहर जाओ. ऐसे में विश्व के बेहतरीन बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रिकी पोंटिंग को जल्द ही लय में लौटना होगा.


भारत के खिलाफ रिकी पोंटिंग

भारत के खिलाफ हमेशा ही रिकी पोंटिंग के बल्ले ने कहर डाला है. हां हरभजन सिंह और कुंबले जैसे गेंदबाजों ने जरूर “पंटर” को परेशानी में डाला पर पोंटिंग ने कभी इससे हार नहीं मानी. 26 टेस्ट मैचों में भारत के खिलाफ 2011 रन बनाने वाले रिकी पोंटिंग हमेशा से भारतीय गेंदबाजों के लिए परेशानी का कारण रहे हैं.


सिर्फ बल्ले से ही नहीं पोंटिंग ने कप्तानी में भी कई बार अपने फैसलों से टीम की नैया पार लगाई है. क्षेत्ररक्षण में तो पोंटिंग का कोई जवाब ही नहीं.


लेकिन इतने बेहतरीन रिकॉर्ड के बावजूद जब पोंटिंग भारत और आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उतरेंगे तो उन्हें अपनी जगह बनाने के लिए पूरा दम लगाना होगा वरना उन्हें टीम से बाहर बिठाने में टीम बिलकुल संकोच नहीं करेगी.


दो साल में एक शतक लगाने के बाद भी रिकी पोंटिंग को घातक इसलिए समझा जाता है क्यूंकि इस बल्लेबाज के नाम 13 हजार से ज्यादा टेस्ट रन हैं तो दुनिया के किसी भी गेंदबाज के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है. पोंटिंग का सबसे तेज हथियार है उनका तेज दिमाग. पोंटिंग एक शातिर खिलाड़ी हैं जो मैदान में किसी भी समय अपनी चाल से विरोधी को पस्त कर सकते हैं और यह बात भारतीय टीम अच्छी तरह से जानती है.


इस सीरीज का महत्व पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से बेहतर कौन बता सकता है. उनके और उनकी टीम के समक्ष दौरे पर कई चुनौतियां इंतजार कर रही हैं. टीम की विश्व क्रिकेट में चौथे पायदान की रैंकिंग में सुधार करने से लेकर भारतीय दौरे पर आलोचकों को जवाब देना इसमें शामिल है. देखना है बॉक्सिंग डे टेस्ट में जीत का पंच कौन-सी टीम लगाती है.


एक समय था जब आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में रिकी पोंटिंग की जगह एक राजा की तरह थी. एक ऐसा जो अपनी सेना का ना सिर्फ नेतृत्व करता था बल्कि समय आने पर टीम की जीत के लिए अपना पूरा दमखम लगा देता था. पोंटिंग क्रिकेट की दुनिया के बादशाह थे जिनकी कप्तानी में आस्ट्रेलिया ने दुनिया के हर मैदान पर अपनी जीत का परचम लहराया, दो बार विश्व कप का विजेता बना. सचिन के बाद टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक रिकी पोंटिंग के ही नाम हैं. लेकिन दुनिया के हर खिलाड़ी को समय के साथ अपने फॉर्म से समझौता करना ही पड़ता है. पोंटिंग भी इस बात का अपवाद ना बन सके और ढलती उम्र के साथ उन्हें भी अपने फॉर्म से समझौता करना ही पड़ रहा है. पिछले 2 साल में एक शतक पोंटिंग के कॅरियर की तबाही को साफ दिखा रहा है.

हालात इतने बुरे हैं कि ना सिर्फ पोंटिंग को कप्तानी छोड़नी पड़ी है बल्कि उन्हें टीम में अपनी जगह बनाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ी है. ले-देकर बड़ी मुश्किल से उन्हें टीम में जगह तो मिली है पर आस्ट्रेलियाई कोच मिकी ऑर्थर ने साफ कर दिया है कि प्रदर्शन करो या बाहर जाओ. ऐसे में विश्व के बेहतरीन बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रिकी पोंटिंग को जल्द ही लय में लौटना होगा.

भारत के खिलाफ रिकी पोंटिंग

भारत के खिलाफ हमेशा ही रिकी पोंटिंग के बल्ले ने कहर डाला है. हां हरभजन सिंह और कुंबले जैसे गेंदबाजों ने जरूर पंटर को परेशानी में डाला पर पोंटिंग ने कभी इससे हार नहीं मानी. 26 टेस्ट मैचों में भारत के खिलाफ 2011 रन बनाने वाले रिकी पोंटिंग हमेशा से भारतीय गेंदबाजों के लिए परेशानी का कारण रहे हैं.

सिर्फ बल्ले से ही नहीं पोंटिंग ने कप्तानी में भी कई बार अपने फैसलों से टीम की नैया पार लगाई है. क्षेत्ररक्षण में तो पोंटिंग का कोई जवाब ही नहीं.

लेकिन इतने बेहतरीन रिकॉर्ड के बावजूद जब पोंटिंग भारत और आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उतरेंगे तो उन्हें अपनी जगह बनाने के लिए पूरा दम लगाना होगा वरना उन्हें टीम से बाहर बिठाने में टीम बिलकुल संकोच नहीं करेगी.

दो साल में एक शतक लगाने के बाद भी रिकी पोंटिंग को घातक इसलिए समझा जाता है क्यूंकि इस बल्लेबाज के नाम 13 हजार से ज्यादा टेस्ट रन हैं तो दुनिया के किसी भी गेंदबाज के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है. पोंटिंग का सबसे तेज हथियार है उनका तेज दिमाग. पोंटिंग एक शातिर खिलाड़ी हैं जो मैदान में किसी भी समय अपनी चाल से विरोधी को पस्त कर सकते हैं और यह बात भारतीय टीम अच्छी तरह से जानती है.

इस सीरीज का महत्व पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से बेहतर कौन बता सकता है. उनके और उनकी टीम के समक्ष दौरे पर कई चुनौतियां इंतजार कर रही हैं. टीम की विश्व क्रिकेट में चौथे पायदान की रैंकिंग में सुधार करने से लेकर भारतीय दौरे पर आलोचकों को जवाब देना इसमें शामिल है. देखना है बॉक्सिंग डे टेस्ट में जीत का पंच कौन-सी टीम लगाती है.

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