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क्या आपको आईपीएल चैप्टर की शुरुआत का इंतजार है

Posted On: 6 Dec, 2010 Sports में

खेल संसारकौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

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IPLविश्व के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई की दबंगई का प्रतीक है आईपीएल. खेल के साथ-साथ पैसा, ग्लैमर, आईपीएल नाइट्स, चीयर्स गर्ल्स, बालीवुड, ललित मोदी प्रकरण, भ्रष्टाचार इत्यादि-इत्यादि बहुत कुछ जुड़ा था तीनों आईपीएल से.

अपने आपमें आईपीएल क्रिकेट की दुनियां में इतना बड़ा ब्रांड बन गया था. खिलाड़ियों के साथ-साथ उद्योगपति और बड़े-बड़े व्यापारिक घराने भी इससे जुड़ना चाहते थे. आईपीएल की टीआरपी तो सातवें आसमान पर थी. लेकिन तभी एक घोषणा हुई कि चौथे आईपीएल में दो टीम पुणे और कोच्चि भी जुड़ेंगी. सभी खुश हुए कि चौथा आईपीएल अब तक का सबसे बड़ा होगा, जिसमें होगी पैसों की बरसात लेकिन कोच्चि आयी अपने साथ दुखों की बरसात लेकर. आईपीएल को इतना बड़ा बनाने वाले ललित मोदी घोटालों के दलदल में फंस गए. पंजाब और राजस्थान ने भी अपना नाम वापस ले लिया और ऐसा प्रतीत होने लगा कि चौथा आईपीएल शायद ही हो. अथक प्रयास किए गए जिसका फल भी मिला. खिलाड़ियों की नीलामी जनवरी में तय की गई, और बहुत से प्रयासों के बाद कोच्चि को हरी झंडी दे दी गई. परन्तु सब कुछ ठीक दिखने के बाद भी बहुत से ऐसी चीजें हैं जो चिरायु अमीन को परेशान कर रही हैं.

ललित मोदी की जगह आए आईपीएल गवर्निंग कमिटी के अध्यक्ष चिरायु अमीन आज कल दो बातों से परेशान हैं. पहला आईपीएल की ब्रांड वैल्यू को लेकर और दूसरा खिलाड़ियों की नीलामी को लेकर.

भ्रष्टाचार के मामलों और मालिकाना हक के चलते आईपीएल की ब्रांड वैल्यू में कमी आयी है. पहले जहां कंपनियां इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़ने को आतुर रहती थीं वही आज वह सोच में लगी हैं कि अगर आईपीएल में पैसा लगाया जाए तो वह फंसेगा तो नहीं. क्योंकि अभी यह बात भी नहीं साफ हुई है कि आईपीएल चार होगा या नहीं. 2010 के आईपीएल की बाद इंडियन प्रीमियर लीग की वैल्यू करीबन 18,000 करोड़ थी जो अब गिरकर दो तिहाई रह गई है.ipl यही नहीं पंजाब और राजस्थान की टीमों का भविष्य अभी भी अधर में लटका है.

चौथे इंडियन प्रीमियर लीग के खिलाड़ियों की नीलामी जनवरी में होनी तय थी लेकिन अब यह टल गई है. अटकले हैं कि यह मार्च में होगी. इस बार खिलाड़ियों की नीलामी इसलिए भी महत्वपूर्ण बन जाती है क्योंकि पहले तीन आईपीएल के नियुक्त आइकान खिलाड़ियों और दूसरे खिलाड़ियों का अनुबंध भी खत्म हो गया है. ऐसे में सभी टीम अपने खेमे में अच्छे खिलाड़ी रखना चाहेंगे. लेकिन अगर नीलामी होती है तो उन खिलाड़ियों का क्या होगा जो पंजाब और राजस्थान में होंगे क्योंकि अगर चौथे आईपीएल में यह टीमें भाग नहीं लेती हैं तो वह सभी खिलाड़ी खेल नहीं पाएंगे जो इन टीमों में हैं. ऐसी स्थिति में शायद हमें युवराज, वाटसन, वार्न, संगकारा जैसे खिलाड़ियों का जलवा देखने को नहीं मिले.

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