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विनेश फोगाट ने ताऊ महावीर फोगाट से सीखे थे पहलवानी के गुर, अब बनीं ‘गोल्डन गर्ल’

Posted On: 21 Aug, 2018 Sports में

Shilpi Singh

खेल संसारकौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

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हरियाणा की छोरी विनेश फोगाट ने एक बार फिर से खुद को साबित कर दिया है। 23 साल की पहलवान विनेश ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। वह लगातार दो एशियाड में पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान बन गई हैं। बता दें विनेश मशहूर रेसलर गीता और बबिता का चचेरी बहन हैं। विनेश की कहानी काफी संघर्ष वाली रही है, ऐसे में चलिए एक नजर उनके अब तक के सफर पर।

 

 

9 साल की उम्र में पिता का हुआ निधन

विनेश का जन्म 25 अगस्त 1994 को हरियाणा के बलाली गांव में हुआ था। नौ साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। विनेश के पिता के जाने के बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंका को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी और आज विनेश ने गोल्ड जीतकर अपने परिवार और देश का नाम रोशन किया है।

 

 

शुरू में कुश्ती से दूर थी विनेश

विनेश की काबिलियत में तो कोई कमी नहीं थी, लेकिन कुश्ती में उनकी रुचि नहीं थी। इसलिए वह शुरू-शुरू में रेसलिंग पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थीं। बचपन में विनेश को गांववालों के विरोध को देखकर कुश्ती से दूर थी। लेकिन बाद में उनकी रूचि इस खेल में बढ़ती गई। उन्होंने साल 2013 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप के 51 किलोग्रा वर्ग में कांस्य और रजत पदक जीतकर अपना दम दिखाया।

 

 

2014 रहा टर्निंग प्वाइंट

2014 में विनेश सबकी नजर में आई। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 19 वर्षीय विनेश ने अपने पहले ही कामनवेल्थ खेल के महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग की फ्रीस्टाइल रेसलिंग में स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके बाद उन्होंने के इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर अपने आप को बड़ा रेसलर साबित किया। विनेश ने अपना अच्छा खेल जारी रखा और अगले साल एशियाई रेसलंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। साल 2016 में वें 48 किलो वर्ग की होने के बावजूद 53 किलो वर्ग में मुकाबला किया और कांस्य पदक जीता।

 

 

रियो ओलंपिक में चोट के बाद भी विनेश ने हिम्मत नहीं हारी 

रियो ओलंपिक में चोट के बाद बाहर हुई महिला पहलवान विनेश फोगाट के करियर पर सवाल उठने लगे थे। कई लोगों को लगा था कि शायद ही वो वापसी न कर पाएं, लेकिन एशियन गेम्स में उन्होंनो गोल्ड जीतकर ये बता दिया कि वो अब पूरी तरह से फिट हैं। बता दें विनेश की प्रतिभा व उसके खेल को देखते हुए अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था।

 

 

अब तक इतने मेडल जीत चुकी हैं विनेश

2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड

2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज

2017 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर

2018 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड

2018 एशियन गेम्स में गोल्ड…Next

 

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