blogid : 312 postid : 921

शतकों का अर्द्धशतक गया व्यर्थ

Posted On: 20 Dec, 2010 Sports में

खेल संसारकौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

Sports Blog

437 Posts

269 Comments

Tendulkar 50th Centuryकल भारतीय बल्लेबाजों का खेल देख यह प्रतीत हो रहा था कि काश यह खेल वह दो दिन पहले दिखाते तो आज हार का मुंह नहीं देखना पड़ता. खैर पहले दिन की लचर बल्लेबाज़ी और फिर गेंदबाजों के निराश प्रदर्शन की देन है कि विश्व नंबर एक टीम को बेइज्जती झेलनी पड़ रही है.

अगर इंद्र देव दक्षिण अफ्रीका पर मेहरबान रहे तो केवल दो गेंद दूर है जीत स्मिथ की टीम से. सचिन तेंदुलकर की अगुवाई में कल भारतीय बल्लेबाजों में जुझारूपन भी देखने को मिला जो सीरीज के आने वाले मैचों के लिए बहुत बढ़ियां है. टेस्ट कैरियर में कल सचिन तेंदुलकर ने अपना पचासवां शतक लगाया, धोनी ने भी अच्छी पारी खेली लेकिन शायद दोनों का यह प्रदर्शन व्यर्थ हो जाए.

1991 में इंग्लैंड के विरुद्ध सचिन ने पहला शतक जड़ा था. उस शतक की खास बात यह थी कि हार की कगार पर खड़ी भारतीय टीम ने वह टेस्ट मैच ड्रा किया था. लेकिन आज शायद उनका पचासवां शतक भारतीय टीम को ड्रा नहीं दिला पाए. क्रिकेट की दुनियां के भगवान लिटिल मास्टर सचिन तेंदुलकर ने जब अपना पचासवां शतक जड़ा तो उनके चेहरे की अभिव्यक्ति साफ़ कह रही थी कि वह मायूस हैं. लेकिन सचिन भी यह जानते थे कि यह क्रिकेट है जिसमें हार-जीत लगी रहती है. लेकिन फिर भी सभी की चाहत थी कि “पचासवां आए और खुशी लाए.”

India vs South Sfricaसीरीज शुरू होने से पहले कोच गैरी क‌र्स्टन को अनुमान था कि शायद पिछने 18 महीनों से घरेलू पिचों पर खेल रही भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के बाउंसी पिचों को ढालने में मुश्किल हो. इस मुश्किल से निपटने के लिए कोशिश भी की गयी लेकिन केवल कोशिश से यहां काम नहीं चलने वाला था, यहां ज़रूरत थी जुझारूपन की जो हमारे खिलाड़ियों में न दिखी. इसके अलावा ठीक मैच से पहले ज़हीर खान का घायल होना भी भारतीय टीम को महंगा पड़ा. तेज़ गेंदबाजी के नायक ज़हीर खान भारतीय टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण थे, परन्तु उनके चोटिल होना से गेंदबाजी में कमी आ गयी जिसे जयदेव उनादकट भर न सके.

भारतीय टीम मैनेजमेंट को इसके अलावा एक और परेशानी से भी रूबरू होना पड़ रहा है वह है रैना का खराब प्रदर्शन. गौर करने वाली बात है कि टेस्ट मैचों में धमाकेदार एंट्री करने वाले रैना ने पिछले दो सीरीज में एक भी पचास नहीं लगाया है और दक्षिण अफ्रीका में तो वह असहाय से दिखे. ऐसे में शायद मुरली विजय या चेतेश्वर पुजारा में से किसी एक को मौका मिले.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग